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रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण करने का किसानों ने किया विरोध
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:30 AM IST
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नागल (सहारनपुर)। गांव लाखनौर में शुक्रवार को रेलवे द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन पर रेलवे व राजस्व टीम ने निशानदेही कर किसानों को कब्जा छोड़ने की बात कही है। जबकि किसानों ने मुआवजा कम मिलने तथा न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की बात कहते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। विवाद के निपटारे के लिए एसडीएम सदर ने जिलाधिकारी से बात कर शुक्रवार शाम को ही किसानों को वार्ता के लिये डीएम कार्यालय बुलाया है।
शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे रेलवे प्रोजेक्ट निदेशक जय गोयल के निर्देश पर एसडीएम सदर परमानंद झा, राजस्व टीम व भारी पुलिस बल के साथ गांव लाखनौर पहुंचे। उन्होंने अधिग्रहण की गयी भूमि पर पैमाइश के बाद निशानदेही की। इसके बाद टीम ने किसानों को जल्द से जल्द जमीनों को खाली करने को कहा। इस पर मौके पर पहुंचे किसानों ने कहा कि उन्हें उनकी जमीन का सबसे कम मुआवजा मिला है। इसे लेकर मामला न्यायालय में चल रहा है। आरोप लगाया कि यही वजह है कि उनकी जमीन पर रेलवे जबरदस्ती कब्जा करना चाहता है। जबकि रेलवे अधिकारियों का कहना था कि वे नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। विवाद के बढ़ने पर इसकी सूचना एसडीएम देवबंद परमानंद झा को दी गई। झा ने डीएम से वार्ता करके किसानों को शुक्रवार की शाम डीएम कार्यालय पर वार्ता के लिए बुलाया है। इस वार्ता के बाद ही मामले का निस्तारण होगा।
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शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे रेलवे प्रोजेक्ट निदेशक जय गोयल के निर्देश पर एसडीएम सदर परमानंद झा, राजस्व टीम व भारी पुलिस बल के साथ गांव लाखनौर पहुंचे। उन्होंने अधिग्रहण की गयी भूमि पर पैमाइश के बाद निशानदेही की। इसके बाद टीम ने किसानों को जल्द से जल्द जमीनों को खाली करने को कहा। इस पर मौके पर पहुंचे किसानों ने कहा कि उन्हें उनकी जमीन का सबसे कम मुआवजा मिला है। इसे लेकर मामला न्यायालय में चल रहा है। आरोप लगाया कि यही वजह है कि उनकी जमीन पर रेलवे जबरदस्ती कब्जा करना चाहता है। जबकि रेलवे अधिकारियों का कहना था कि वे नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। विवाद के बढ़ने पर इसकी सूचना एसडीएम देवबंद परमानंद झा को दी गई। झा ने डीएम से वार्ता करके किसानों को शुक्रवार की शाम डीएम कार्यालय पर वार्ता के लिए बुलाया है। इस वार्ता के बाद ही मामले का निस्तारण होगा।
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