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किसी भी क्षेत्र में तरक्की के लिए शिक्षित होना जरुरी: चंद्रा
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:12 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। मुजफ्फरनगर के एडीएम (ई) हरीश चंद्रा ने कहा कि शिक्षा के बिना इंसान की जिंदगी अधूरी है। किसी भी क्षेत्र में तरक्की हासिल करने के लिए शिक्षित होना बेहद जरूरी है।
सोमवार को सांपला मार्ग स्थित फतेहपुर गांव में इस्लामिक यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हरीश चंद्रा ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा इंसान की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। इसके बिना तरक्की का ख्वाब पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस्लामिक यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर मौलाना जैनुद्दीन कासमी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों के छात्र छात्राएं भी लाभान्वित होंगे। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि इंसान की जिंदगी में तालीम बहुत अहमियत रखती है। तालीम के चलन वाले घर तरक्की वाले मिलेंगे और जमाने में भी उनकी अच्छी पहचान मिलेगा। कहा कि तालीम हासिल करना हर इंसान का बुनियादी हक है। जिसे कोई भी छीन नहीं सकता। मौलाना नसीम ने कहा कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी की स्थापना करके मौलाना जैनुदद्दीन कासमी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ओर मजबूत कदम उठाया है। जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। डायरेक्टर मौलाना जैनुद्दीन कासमी ने कहा कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र और आसपास के जनपदों के छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराना है। पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी, मौलाना नदीमुलवाजदी, असद जमाल फैजी, हाजी फजलुरर्हमान, डा. फारुक ने भी विचार रखे। इससे पूर्व मौलाना नजमुल हसन थानवी, कारी अबुल हसन आजमी, मौलाना नसीम अख्तर शाह आदि ने यूनिवर्सिटी की बुनियाद रखी। इस मौके पर हमजा मसूद, जमालुद्दीन अंसारी, हैदर अलीा खान बैंगलूरु, शमशाद मलिक, मौलाना अली कासमी, डा. उस्मान आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को सांपला मार्ग स्थित फतेहपुर गांव में इस्लामिक यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हरीश चंद्रा ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा इंसान की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। इसके बिना तरक्की का ख्वाब पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस्लामिक यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर मौलाना जैनुद्दीन कासमी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों के छात्र छात्राएं भी लाभान्वित होंगे। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि इंसान की जिंदगी में तालीम बहुत अहमियत रखती है। तालीम के चलन वाले घर तरक्की वाले मिलेंगे और जमाने में भी उनकी अच्छी पहचान मिलेगा। कहा कि तालीम हासिल करना हर इंसान का बुनियादी हक है। जिसे कोई भी छीन नहीं सकता। मौलाना नसीम ने कहा कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी की स्थापना करके मौलाना जैनुदद्दीन कासमी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ओर मजबूत कदम उठाया है। जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। डायरेक्टर मौलाना जैनुद्दीन कासमी ने कहा कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र और आसपास के जनपदों के छात्र छात्राओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराना है। पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी, मौलाना नदीमुलवाजदी, असद जमाल फैजी, हाजी फजलुरर्हमान, डा. फारुक ने भी विचार रखे। इससे पूर्व मौलाना नजमुल हसन थानवी, कारी अबुल हसन आजमी, मौलाना नसीम अख्तर शाह आदि ने यूनिवर्सिटी की बुनियाद रखी। इस मौके पर हमजा मसूद, जमालुद्दीन अंसारी, हैदर अलीा खान बैंगलूरु, शमशाद मलिक, मौलाना अली कासमी, डा. उस्मान आदि मौजूद रहे।
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