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जिंदा किसान को मृत दिखाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Updated Mon, 12 Mar 2018 11:44 PM IST
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जिंदा किसान को मृत दिखाने वाले
कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सहारनपुर। मोहल्ला सराय हनिसामुद्दीन निवासी अमीर अहमद ने कृषि ऋण मोचन योजना की लिस्ट में जिन्दा किसान को मृत दिखाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि ऋण मोचन योजना की लिस्ट में अपने नाम के आगे मृतक लिखे जाने से उनके पिता खलील अहमद को ब्रेन हैमरेज हो गया। साथ ही उन्हें इस योजना का लाभ भी नहीं मिल सका।
सोमवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार को सौंपे ज्ञापन में अमीर अहमद ने कहा कि उनके पिता ने चिलकाना सुल्तानपुर स्थित स्टेट बैंक से कृषि ऋण लिया हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित कृषि ऋण माफी योजना में उनके पिता का नाम भी शामिल था। लेकिन लिस्ट में उनके पिता के नाम के सामने मृतक लिखे होने के चलते उन्हें इस योजना में ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका। इस बात से सदमे में आए उनके पिता को ब्रेन हैमरेज भी हो गया। जिसका इलाज दिल्ली के गुरू तेग बहादुर हॉस्पिटल में कराया गया। उन्होंने दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उनका ऋण माफ करने की मांग की। एडीएम एफ ने मामले की जांच के लिए उप जिलाधिकारी सदर संगीता को भेज दिया है।
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कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सहारनपुर। मोहल्ला सराय हनिसामुद्दीन निवासी अमीर अहमद ने कृषि ऋण मोचन योजना की लिस्ट में जिन्दा किसान को मृत दिखाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि ऋण मोचन योजना की लिस्ट में अपने नाम के आगे मृतक लिखे जाने से उनके पिता खलील अहमद को ब्रेन हैमरेज हो गया। साथ ही उन्हें इस योजना का लाभ भी नहीं मिल सका।
सोमवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार को सौंपे ज्ञापन में अमीर अहमद ने कहा कि उनके पिता ने चिलकाना सुल्तानपुर स्थित स्टेट बैंक से कृषि ऋण लिया हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित कृषि ऋण माफी योजना में उनके पिता का नाम भी शामिल था। लेकिन लिस्ट में उनके पिता के नाम के सामने मृतक लिखे होने के चलते उन्हें इस योजना में ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका। इस बात से सदमे में आए उनके पिता को ब्रेन हैमरेज भी हो गया। जिसका इलाज दिल्ली के गुरू तेग बहादुर हॉस्पिटल में कराया गया। उन्होंने दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उनका ऋण माफ करने की मांग की। एडीएम एफ ने मामले की जांच के लिए उप जिलाधिकारी सदर संगीता को भेज दिया है।
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