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राजपूत समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने पर बल
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:38 AM IST
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राजपूत समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने पर बल
देवबंद (सहारनपुर)। राजपूत चेतना मंच ने समाज में फैली कुरीतियों पर चिंता प्रकट करते हुए लोगों को इन कुरीतियों को दूर करने पर जोर दिया गया। शुक्रवार को महाराणा प्रताप चौक पर संगठन की बैठक में डॉ. सुखपाल सिंह ने कहा कि मृत्यु भोज एक बड़ी सामाजिक कुरीति है, क्योंकि मृत्यु किसी भी परिवार के लिए कष्टकारी होती है। इसलिए ऐेसे गम के अवसरों पर खाना खिलाने की प्रथा को बंद करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मृत्युभोज आयोजित करता है तो समाज के व्यक्तियों को चाहिए कि वह शोकसभा के समय ही पहुंचे। अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि विवाह शादी खुशी का अवसर होता है। लेकिन परिवार की बालिकाओं एवं महिलाओं का सार्वजनिक रूप से सड़कों पर आकर नाचना राजपूत समाज के संस्कारों के विरुद्ध है। इस पर कड़ाई से पाबंदी लगनी चाहिए। अध्यक्षता मुकेश राणा व संचालन ब्रजपाल सिंह पुंडीर ने किया। इससे पूर्व संगठन के पदाधिकारियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर चलने का अनुसरण किया। इस मौके पर डॉ. भानु प्रताप सिंह, गजराज राणा, पवन सिंह राणा, राजेंद्र चौधरी, दिनेश फौजी, मोकिंत राणा, लोकेश राणा, अमर प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। राजपूत चेतना मंच ने समाज में फैली कुरीतियों पर चिंता प्रकट करते हुए लोगों को इन कुरीतियों को दूर करने पर जोर दिया गया। शुक्रवार को महाराणा प्रताप चौक पर संगठन की बैठक में डॉ. सुखपाल सिंह ने कहा कि मृत्यु भोज एक बड़ी सामाजिक कुरीति है, क्योंकि मृत्यु किसी भी परिवार के लिए कष्टकारी होती है। इसलिए ऐेसे गम के अवसरों पर खाना खिलाने की प्रथा को बंद करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मृत्युभोज आयोजित करता है तो समाज के व्यक्तियों को चाहिए कि वह शोकसभा के समय ही पहुंचे। अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि विवाह शादी खुशी का अवसर होता है। लेकिन परिवार की बालिकाओं एवं महिलाओं का सार्वजनिक रूप से सड़कों पर आकर नाचना राजपूत समाज के संस्कारों के विरुद्ध है। इस पर कड़ाई से पाबंदी लगनी चाहिए। अध्यक्षता मुकेश राणा व संचालन ब्रजपाल सिंह पुंडीर ने किया। इससे पूर्व संगठन के पदाधिकारियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर चलने का अनुसरण किया। इस मौके पर डॉ. भानु प्रताप सिंह, गजराज राणा, पवन सिंह राणा, राजेंद्र चौधरी, दिनेश फौजी, मोकिंत राणा, लोकेश राणा, अमर प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।