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तीतरो ने बचाई सपा की लाज
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:18 AM IST
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तीतरो ने बचाई सपा की लाज
सहारनपुर। नगरीय निकाय चुनावों में मतदाताओं ने तमाम राजनीतिक दलों को आईना दिखा दिया है। जिले में दो एमएलसी और एक विधायक वाली समाजवादी पार्टी की लाज तीतरो नगर पंचायत में ही बच सकी है। हालांकि सरसावा में उसका प्रत्याशी ने न सिर्फ कड़ी टक्कर दी बल्कि वह दूसरे स्थान पर रहा। नगर निगम में मेयर पद का प्रत्याशी अपनी जमानत को बचा पाने में भी विफल रहा। ऐसा तब है जब नगर में उसका विधायक कांग्रेस के साथ गठबंधन में खासे मतों से विजयी हुआ था। सपा की इस हालत के लिए सपा की गुटबाजी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
नगरीय निकायों की मतगणना ने राजनीतिक दलों को समाज में उनकी पकड को दिखा गया है। सबसे कमजोर स्थिति में समाजवादी पार्टी की रही। सपा ने केवल तीतरो नगर पंचायत में ही उनके चेयरमैन पद के प्रत्याशी मनोज कुमार ने विजयश्री हासिल की है। जबकि सरसावा में सपा के उम्मीदवार को प्रमोद पंवार को दूसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा। ऐसा तब है कि जब जिले में सपा के दो विधान परिषद सदस्य साहब सिंह सैनी एवं उमर अली खान हैं। नगर से भी सपा के ही संजय गर्ग विधायक हैं। इनमें से साहब सिंह सैनी सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। इसके अलावा कई सपा नेताओं को सप1ा सरकार के दौर में विभिन्न निगमों का चेयरमैन बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दे रखा था। इसके बावजूद नगरीय निकाय चुनाव में सपा की परफारमेंस काफी कमजोर रही। कई गुटों में बंटी सपा के लिए यह चुनाव एक सबक है। राजनीति प्रेक्षकों के मुताबिक तीतरों नगर पंचायत में सपा की जीत में चौधरी परिवार का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में जिले में सपा को अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए काफी संघर्ष करना होगा।
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सहारनपुर। नगरीय निकाय चुनावों में मतदाताओं ने तमाम राजनीतिक दलों को आईना दिखा दिया है। जिले में दो एमएलसी और एक विधायक वाली समाजवादी पार्टी की लाज तीतरो नगर पंचायत में ही बच सकी है। हालांकि सरसावा में उसका प्रत्याशी ने न सिर्फ कड़ी टक्कर दी बल्कि वह दूसरे स्थान पर रहा। नगर निगम में मेयर पद का प्रत्याशी अपनी जमानत को बचा पाने में भी विफल रहा। ऐसा तब है जब नगर में उसका विधायक कांग्रेस के साथ गठबंधन में खासे मतों से विजयी हुआ था। सपा की इस हालत के लिए सपा की गुटबाजी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
नगरीय निकायों की मतगणना ने राजनीतिक दलों को समाज में उनकी पकड को दिखा गया है। सबसे कमजोर स्थिति में समाजवादी पार्टी की रही। सपा ने केवल तीतरो नगर पंचायत में ही उनके चेयरमैन पद के प्रत्याशी मनोज कुमार ने विजयश्री हासिल की है। जबकि सरसावा में सपा के उम्मीदवार को प्रमोद पंवार को दूसरे स्थान पर ही संतोष करना पड़ा। ऐसा तब है कि जब जिले में सपा के दो विधान परिषद सदस्य साहब सिंह सैनी एवं उमर अली खान हैं। नगर से भी सपा के ही संजय गर्ग विधायक हैं। इनमें से साहब सिंह सैनी सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। इसके अलावा कई सपा नेताओं को सप1ा सरकार के दौर में विभिन्न निगमों का चेयरमैन बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दे रखा था। इसके बावजूद नगरीय निकाय चुनाव में सपा की परफारमेंस काफी कमजोर रही। कई गुटों में बंटी सपा के लिए यह चुनाव एक सबक है। राजनीति प्रेक्षकों के मुताबिक तीतरों नगर पंचायत में सपा की जीत में चौधरी परिवार का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में जिले में सपा को अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए काफी संघर्ष करना होगा।
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