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चिकित्सक का पर्चा नहीं पढ़ पाने पर सीएमएस को फटकार
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:07 AM IST
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डॉक्टर का लिखा पर्चा नहीं पढ़ पाने पर सीएमएस को फटकार
सहारनपुर। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने सोमवार की रात जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर में समस्याओं का अंबार मिलने पर उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई।
कमिश्नर पहले इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। यहां उपस्थिति रजिस्टर आदि देखने के बाद ड्यूटी पर तैनात डा. कुणाल जैन से सुविधाओं की बाबत जानकारी जुटाई। यहां से ट्रामा सेंटर पहुंचकर मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने बताया कि पिछले कई घंटों से सर्जन राउंड पर नहीं आया हैं। बर्न वार्ड में एक मरीज का पर्चा देखने पर कुछ समझ नहीं आया तो सीएमएस से पढ़ने को कहा। लेकिन, सीएमएस भी चिकित्सक की राइटिंग को पढ़ नहीं पाए। ऐसे में उनको कड़ी फटकार लगाई। मरीजों ने ब्लड बैंक में खून न मिलने की भी शिकायत की।
बच्चा वार्ड में भर्ती एक बच्चे को खून चढ़ रहा था। बच्चे के पर्चे को देखा तो उसमें हीमोग्लोबिन आदि का कोई उल्लेख नहीं था। कुछ मरीजों ने बताया कि चिकित्सक बाहर से दवाई खरीदने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में विभिन्न शिकायतों, जगह-जगह गंदगी और खामियां मिलने पर विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। चेतावनी दी कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनके विरुद्घ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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सहारनपुर। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने सोमवार की रात जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर में समस्याओं का अंबार मिलने पर उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई।
कमिश्नर पहले इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। यहां उपस्थिति रजिस्टर आदि देखने के बाद ड्यूटी पर तैनात डा. कुणाल जैन से सुविधाओं की बाबत जानकारी जुटाई। यहां से ट्रामा सेंटर पहुंचकर मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने बताया कि पिछले कई घंटों से सर्जन राउंड पर नहीं आया हैं। बर्न वार्ड में एक मरीज का पर्चा देखने पर कुछ समझ नहीं आया तो सीएमएस से पढ़ने को कहा। लेकिन, सीएमएस भी चिकित्सक की राइटिंग को पढ़ नहीं पाए। ऐसे में उनको कड़ी फटकार लगाई। मरीजों ने ब्लड बैंक में खून न मिलने की भी शिकायत की।
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बच्चा वार्ड में भर्ती एक बच्चे को खून चढ़ रहा था। बच्चे के पर्चे को देखा तो उसमें हीमोग्लोबिन आदि का कोई उल्लेख नहीं था। कुछ मरीजों ने बताया कि चिकित्सक बाहर से दवाई खरीदने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में विभिन्न शिकायतों, जगह-जगह गंदगी और खामियां मिलने पर विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। चेतावनी दी कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उनके विरुद्घ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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