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भीम आर्मी के समर्थन में उतरे जानीपुर के दलित
Updated Sun, 04 Jun 2017 12:36 AM IST
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भीम आर्मी के समर्थन में उतरे जानीपुर के दलित
बेहट (सहारनपुर)। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर रावण के समर्थन में शनिवार को जानीपुर गांव के दलितों ने पंचायत की और चेतावनी दी कि यदि चंद्रशेखर और भीम आर्मी के अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही एकतरफा कार्रवाई बंद नहीं की गई तो वे जेल भरो आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने धर्म परिवर्तन की धमकी भी दी।
बैठक में दलितों ने कहा कि नौ मई की घटना के दिन चंद्रशेखर पूरे डीएम और एसएसपी के साथ जगह-जगह शांति व्यवस्था बनाने में लगे रहे और प्रशासन ने चंद्रशेखर के खिलाफ ही एकतरफा कार्रवाई कर दी। पुलिस प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर का परिवार अकेला नहीं है। पूरा दलित समाज उनके साथ खड़ा है। यदि पुलिस प्रशासन ने भीम आर्मी के संस्थापक और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं रोकी तो वे जेल भरो आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह धर्म परिर्वतन करने को भी मजबूर होंगे।
बैठक में दल सिंह, हरनाम, भरत सिंह, सुरेंद्र, प्रमोद, राजू, नरोत्तमदास, पप्पू, सरजीत सिंह, कमलेश, मोनिका, रेखा, अंजू, राजो देवी, किरण, मुनेश, बाला देवी, शारदा, राजू, सरजीत सिंह, कोमल, प्रतिमा, फूलमती, मीनाक्षी, बबीता, कलावती आदि काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।
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जानीपुर में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण के समर्थन में हुई दलितों की पंचायत के बारे में स्थानीय पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। एसडीएम बेहट डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि जानीपुर की पंचायत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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बेहट (सहारनपुर)। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर रावण के समर्थन में शनिवार को जानीपुर गांव के दलितों ने पंचायत की और चेतावनी दी कि यदि चंद्रशेखर और भीम आर्मी के अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही एकतरफा कार्रवाई बंद नहीं की गई तो वे जेल भरो आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने धर्म परिवर्तन की धमकी भी दी।
बैठक में दलितों ने कहा कि नौ मई की घटना के दिन चंद्रशेखर पूरे डीएम और एसएसपी के साथ जगह-जगह शांति व्यवस्था बनाने में लगे रहे और प्रशासन ने चंद्रशेखर के खिलाफ ही एकतरफा कार्रवाई कर दी। पुलिस प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर का परिवार अकेला नहीं है। पूरा दलित समाज उनके साथ खड़ा है। यदि पुलिस प्रशासन ने भीम आर्मी के संस्थापक और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं रोकी तो वे जेल भरो आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह धर्म परिर्वतन करने को भी मजबूर होंगे।
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बैठक में दल सिंह, हरनाम, भरत सिंह, सुरेंद्र, प्रमोद, राजू, नरोत्तमदास, पप्पू, सरजीत सिंह, कमलेश, मोनिका, रेखा, अंजू, राजो देवी, किरण, मुनेश, बाला देवी, शारदा, राजू, सरजीत सिंह, कोमल, प्रतिमा, फूलमती, मीनाक्षी, बबीता, कलावती आदि काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।
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जानीपुर में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण के समर्थन में हुई दलितों की पंचायत के बारे में स्थानीय पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। एसडीएम बेहट डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि जानीपुर की पंचायत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।