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प्रशासन ने घटना की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया: संजय गर्ग
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प्रशासन ने जहरीली शराब कांड की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया: संजय गर्ग
सहारनपुर। जहरीली शराब कांड से प्रभावित गांवों में भ्रमण के बाद समाजवादी पार्टी की समिति ने सहारनपुर में पहुंचकर प्रेसवार्ता की। समिति के संयोजक संजय गर्ग ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने घटना की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया। इसके चलते ही कई मृतकों के पोस्टमार्टम नहीं कराए और शव उनके परिजनों को सौंप दिए।
रविवार अपराह्न चार बजे चकराता मार्ग पर सपा नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सरफराज खान के आवास पर प्रेसवार्ता में विधायक संजय गर्ग ने सवाल किया कि यदि शराब उत्तराखंड से भी आई तो इसके लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं, जो इस घटना को रोकने में विफल रहे हैं। उन अधिकारियों को अब तक चिह्नित क्यों नहीं किया गया। पूर्व केबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि करीब 20 मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इससे महसूस होता है कि प्रशासन द्वारा सबूतों को मिटाने की साजिश की गई। उन्होंने कहा कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगी। इससे उन्हें घटना की वास्तविकता का पता चल सके। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्रसैन, कैराना विधायक नाहिद हसन, पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर, सरफराज खान, डॉक्टर सुधीर पंवार, फैसल सलमानी, अब्दुल गफूर, सुदेेश गुर्जर आदि मौजूद रहे।
कांग्रेसी भी पीड़ितों के घर पहुंचे
सहारनपुर। जहरीली शराब कांड को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी रविवार को पीड़ितों के घर पहुंचा। उसने घटना के बारे में जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
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रविवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व मंत्री सईदुज्जमा, प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद, विधायक नरेश सैनी, विधायक मसूद अख्तर, जिलाध्यक्ष शशि वालिया के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा भेजे गए ठाकुर राजेंद्र सिंह ने गांव कोलकी कला और फिर उमाही गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। विधायक मसूद अख्तर ने बताया कि जहरीली शराब की वजह से जितने लोगों की मौत हुई, प्रशासन ने उससे कम संख्या मानी। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेताओं के सामने भी ग्रामीणों ने यह बात कही कि जितने लोगों की मौत जहरीली शराब के कारण हुई। उन्हें भी सहायता राशि नहीं दी गई।
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सहारनपुर। जहरीली शराब कांड से प्रभावित गांवों में भ्रमण के बाद समाजवादी पार्टी की समिति ने सहारनपुर में पहुंचकर प्रेसवार्ता की। समिति के संयोजक संजय गर्ग ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने घटना की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया। इसके चलते ही कई मृतकों के पोस्टमार्टम नहीं कराए और शव उनके परिजनों को सौंप दिए।
रविवार अपराह्न चार बजे चकराता मार्ग पर सपा नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सरफराज खान के आवास पर प्रेसवार्ता में विधायक संजय गर्ग ने सवाल किया कि यदि शराब उत्तराखंड से भी आई तो इसके लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं, जो इस घटना को रोकने में विफल रहे हैं। उन अधिकारियों को अब तक चिह्नित क्यों नहीं किया गया। पूर्व केबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि करीब 20 मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इससे महसूस होता है कि प्रशासन द्वारा सबूतों को मिटाने की साजिश की गई। उन्होंने कहा कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगी। इससे उन्हें घटना की वास्तविकता का पता चल सके। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्रसैन, कैराना विधायक नाहिद हसन, पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर, सरफराज खान, डॉक्टर सुधीर पंवार, फैसल सलमानी, अब्दुल गफूर, सुदेेश गुर्जर आदि मौजूद रहे।
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कांग्रेसी भी पीड़ितों के घर पहुंचे
सहारनपुर। जहरीली शराब कांड को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी रविवार को पीड़ितों के घर पहुंचा। उसने घटना के बारे में जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
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रविवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व मंत्री सईदुज्जमा, प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद, विधायक नरेश सैनी, विधायक मसूद अख्तर, जिलाध्यक्ष शशि वालिया के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा भेजे गए ठाकुर राजेंद्र सिंह ने गांव कोलकी कला और फिर उमाही गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। विधायक मसूद अख्तर ने बताया कि जहरीली शराब की वजह से जितने लोगों की मौत हुई, प्रशासन ने उससे कम संख्या मानी। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेताओं के सामने भी ग्रामीणों ने यह बात कही कि जितने लोगों की मौत जहरीली शराब के कारण हुई। उन्हें भी सहायता राशि नहीं दी गई।