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गन्ना क्रय केंद्रों पर बाटों में पाई गई अनियमितता, किए चालान
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सहारनपुर। बाट माप विज्ञान विभाग की टीम ने गन्ना क्रय केंद्रों पर छापेमारी कर चेकिंग की। बाटों में कमी पाए जाने पर एवं मानक के अनुरूप न पाए जाने पर चालान किया गया।
बुधवार को बाट माप विज्ञान विभाग की सहायक नियंत्रक स्वाति कौशिक और जिला प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने किसान सहकारी चीनी मिल नानौता के गन्ना क्रय केंद्र नंदपुर ए पर जांच की। सत्यापन प्रमाण-पत्र नहीं मिलने पर चालान किया गया। नंदपुर बी पर भी चेकिंग की गई। जहां इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण सत्यापित नहीं मिला। मिल गेट का भी सत्यापन प्रमाण पत्र नहीं पाया गया।
गागलहेड़ी दया शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र दिप्पाखेड़ी प्रथम में इलेट्रॉनिक तोल उपकरण दस टन मेक ज्योति के बाट नियमानुसार नहीं पाए गए। सत्यापन प्रमाण-पत्र भी नहीं मिला। कांटा 10 टन की क्षमता तक पास था, लेकिन मौके पर 2800 किग्रा तक ही तौल करने में सक्षम मिला। उपकरण की अधिकतम क्षमता दस टन को घटाकर 2800 किग्रा कर दिया गया। जो कि विधि विरुद्ध एवं दंडनीय है। नियमों का उल्लंघन होने के कारण चालान किया गया। दिप्पाखेड़ी में ही हिंदुस्तान शुगर मिल गांगनौली के दूसरे क्रय केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण दस टन का पाया गया। नियमानुसार निर्धारित क्षमता से कम क्षमता के बांट पाए गए। जिस पर केंद्र का चालान किया गया। दया शुगर मिल गागलहेड़ी मिल के तोल केंद्र का निरीक्षण किया गया। मौके पर मिल गेट में स्थापित तौल उपकरणों का सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं पाया गया तथा शुगर पैकिंग यूनिट में चीनी से भरे बोरों की जांच की गई जो सही पाए गए। लेकिन 50 किग्रा कट्टों को भरने के लिए मिल में स्थापित ऑटोमैटिक फिलिंग मशीन हॉपर स्केल असत्यापित पाए गए। नियमानुसार चालान किया गया। जिला प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि उत्तम शुगर मिल, शेरमऊ, नकुड़ की भी जांच की गई। इसके अलावा गन्ना क्रय केंद्र कांकरकुई, कलसिया, जंधेड़ा, मनानी केंद्रों की भी जांच की गई। जिनमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
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बुधवार को बाट माप विज्ञान विभाग की सहायक नियंत्रक स्वाति कौशिक और जिला प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने किसान सहकारी चीनी मिल नानौता के गन्ना क्रय केंद्र नंदपुर ए पर जांच की। सत्यापन प्रमाण-पत्र नहीं मिलने पर चालान किया गया। नंदपुर बी पर भी चेकिंग की गई। जहां इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण सत्यापित नहीं मिला। मिल गेट का भी सत्यापन प्रमाण पत्र नहीं पाया गया।
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गागलहेड़ी दया शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र दिप्पाखेड़ी प्रथम में इलेट्रॉनिक तोल उपकरण दस टन मेक ज्योति के बाट नियमानुसार नहीं पाए गए। सत्यापन प्रमाण-पत्र भी नहीं मिला। कांटा 10 टन की क्षमता तक पास था, लेकिन मौके पर 2800 किग्रा तक ही तौल करने में सक्षम मिला। उपकरण की अधिकतम क्षमता दस टन को घटाकर 2800 किग्रा कर दिया गया। जो कि विधि विरुद्ध एवं दंडनीय है। नियमों का उल्लंघन होने के कारण चालान किया गया। दिप्पाखेड़ी में ही हिंदुस्तान शुगर मिल गांगनौली के दूसरे क्रय केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण दस टन का पाया गया। नियमानुसार निर्धारित क्षमता से कम क्षमता के बांट पाए गए। जिस पर केंद्र का चालान किया गया। दया शुगर मिल गागलहेड़ी मिल के तोल केंद्र का निरीक्षण किया गया। मौके पर मिल गेट में स्थापित तौल उपकरणों का सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं पाया गया तथा शुगर पैकिंग यूनिट में चीनी से भरे बोरों की जांच की गई जो सही पाए गए। लेकिन 50 किग्रा कट्टों को भरने के लिए मिल में स्थापित ऑटोमैटिक फिलिंग मशीन हॉपर स्केल असत्यापित पाए गए। नियमानुसार चालान किया गया। जिला प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि उत्तम शुगर मिल, शेरमऊ, नकुड़ की भी जांच की गई। इसके अलावा गन्ना क्रय केंद्र कांकरकुई, कलसिया, जंधेड़ा, मनानी केंद्रों की भी जांच की गई। जिनमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
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