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जेल से छूटे शब्बीरपुर के प्रधान का स्वागत
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:28 AM IST
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बड़गांव (सहारनपुर)। जेल से छूटे शब्बीरपुर के प्रधान शिव कुमार का गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गत वर्ष पांच मई को गांव में जो हुआ उसका आज भी उन्हें अफसोस है। वे सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति पर चलकर गांव की सभी जाति बिरादरी से मेल मिलाप कर विकास कराएंगे।
सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में मई 2017 में हुई जातीय हिंसा का मुख्य आरोपी प्रशासन ने ग्राम प्रधान शिवकुमार को बनाया था। उसके बाद दंगे के मुख्य आरोपी प्रधान शिवकुमार पर प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई की थी। इसके तहत करीब 16 माह बाद शुक्रवार की सुबह जेल से छूटकर शब्बीरपुर गांव के रविदास मंदिर में पहुंचे ग्राम प्रधान शिवकुमार का ग्रामीणों ने फूल माला पहना कर स्वागत किया। इस पर ग्राम प्रधान ने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। वह पहले से ही सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति पर चलकर ग्रामीणों की सेवा कर रहे थे, लेकिन गत वर्ष गांव में जो भी घटना घटित हुई है उसका आज भी उन्हें बहुत बड़ा अफसोस है। किसी की हमारे गांव को किसी की ऐसी नजर लगी कि जिसका खामियाजा गांव ही नहीं आस पास की जनता को भुगतना पड़ा। अब वे गांव से जुड़े हर मामले में समझौता चाहते हैं और मिलजुलकर गांव में विकास कराने की बात कर रहे हैं। जब शब्बीरपुर के ग्रामीणों को ग्राम प्रधान के जेल से छूट कर गांव आने की सूचना मिली तो वे मुख्य रास्ते पर प्रधान का इंतजार करते रहे, जबकि पुलिस दूसरे रास्ते से प्रधान को गांव के रविदास मंदिर लेकर पहुंच गई। जहां उनका स्वागत किया गया। रासुका में देवबंद जेल से रिहा होकर आए सोनू पुत्र नाथी के घर भी खुशी का माहौल है। सोून ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस प्रशासन पर फंसाने का आरोप लगाया।
बड़गांव। पूर्व विधायका शशिबाला पुंडीर ने चंद्रशेखर की रिहाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी पर तंज कसते कहा कि योगी भी तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। वह शब्बीरपुर कांड पर मुख्यमंत्री से आठ बार मिलकर दोनों पक्षों के लोगों को रिहा करने की मांग कर चुकी थी। योगी को ठाकुर वोट से मतलब नहीं है। न्यायालय से रिहा होकर आए राजपूत पक्ष के लोगों के बाद वोटों के लिए सरकार ने चंद्रशेखर सहित प्रधान शिकुमार को भी रिहा कर दिया।
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सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में मई 2017 में हुई जातीय हिंसा का मुख्य आरोपी प्रशासन ने ग्राम प्रधान शिवकुमार को बनाया था। उसके बाद दंगे के मुख्य आरोपी प्रधान शिवकुमार पर प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई की थी। इसके तहत करीब 16 माह बाद शुक्रवार की सुबह जेल से छूटकर शब्बीरपुर गांव के रविदास मंदिर में पहुंचे ग्राम प्रधान शिवकुमार का ग्रामीणों ने फूल माला पहना कर स्वागत किया। इस पर ग्राम प्रधान ने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। वह पहले से ही सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति पर चलकर ग्रामीणों की सेवा कर रहे थे, लेकिन गत वर्ष गांव में जो भी घटना घटित हुई है उसका आज भी उन्हें बहुत बड़ा अफसोस है। किसी की हमारे गांव को किसी की ऐसी नजर लगी कि जिसका खामियाजा गांव ही नहीं आस पास की जनता को भुगतना पड़ा। अब वे गांव से जुड़े हर मामले में समझौता चाहते हैं और मिलजुलकर गांव में विकास कराने की बात कर रहे हैं। जब शब्बीरपुर के ग्रामीणों को ग्राम प्रधान के जेल से छूट कर गांव आने की सूचना मिली तो वे मुख्य रास्ते पर प्रधान का इंतजार करते रहे, जबकि पुलिस दूसरे रास्ते से प्रधान को गांव के रविदास मंदिर लेकर पहुंच गई। जहां उनका स्वागत किया गया। रासुका में देवबंद जेल से रिहा होकर आए सोनू पुत्र नाथी के घर भी खुशी का माहौल है। सोून ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस प्रशासन पर फंसाने का आरोप लगाया।
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बड़गांव। पूर्व विधायका शशिबाला पुंडीर ने चंद्रशेखर की रिहाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी पर तंज कसते कहा कि योगी भी तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। वह शब्बीरपुर कांड पर मुख्यमंत्री से आठ बार मिलकर दोनों पक्षों के लोगों को रिहा करने की मांग कर चुकी थी। योगी को ठाकुर वोट से मतलब नहीं है। न्यायालय से रिहा होकर आए राजपूत पक्ष के लोगों के बाद वोटों के लिए सरकार ने चंद्रशेखर सहित प्रधान शिकुमार को भी रिहा कर दिया।
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