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राफेल पर जवाब दें तो मोदी के पैर भी पकड़ लूंगा : इमरान
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:12 AM IST
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राफेल पर जवाब दें तो मोदी के पैर भी पकड़ लूंगा : इमरान
सहारनपुर। कभी नरेंद्र मोदी की बोटी-बोटी करने की बात कहने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक इमरान मसूद आज प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के पैर भी पकड़ने को तैयार हैं। मगर इसके लिए उन्होंने एक शर्त रखी है। उनकी शर्त है कि मोदी पहले राफेल डील पर उठ रहे सवालों के जवाब दें। उन्होंने बसपा नेता और पूर्व विधायक हाजी इकबाल के उत्पीड़न का विरोध करने की भी बात कही है।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद शनिवार को कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। दो दिन पहले एक न्यूज चैनल पर डिबेट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर जब पत्रकारों ने इमरान मसूद से पूछा कि क्या वह उस टिप्पणी पर मोदी से माफी मांगेंगे, तो इमरान का कहना था कि वह तो मोदी के पैर भी पकड़ने को तैयार हैं, मगर मोदी पहले राफेल डील पर उठ रहे सवालों का जवाब दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सवालों का जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व विधायक इमरान मसूद ने कहा कि वह राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से बसपा नेता और पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के विरोधी हैं। मगर जिस तरह से शासन और प्रशासन उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रहा है वह ठीक नहीं है। उन्होंने यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाजी इकबाल नाम के गलत आदमी ने यूनिवर्सिटी बनाकर अच्छा काम किया है, जिसका लाभ सहारनपुर ही नहीं, आसपास के जनपदों के युवाओं को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार हाजी इकबाल की यूनिवर्सिटी को टेकओवर कर उसे बर्बाद करना चाहती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन को चेताते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। प्रशासन का कोई भी व्यक्ति ऐसा काम न करे कि भविष्य में उसका खामियाजा उसे भी भुगतना पड़े। उन्होंने शासन और प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह अल्पसंख्यक संस्था होने की वजह से हाजी इकबाल की यूनिवर्सिटी को खत्म कर देना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए अहिंसक रूप से धरने देने की बात कही। इस मौके पर कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी, देहात विधायक मसूद अख्तर, बेहट विधायक नरेश सैनी, हमजा मसूद आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। कभी नरेंद्र मोदी की बोटी-बोटी करने की बात कहने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक इमरान मसूद आज प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के पैर भी पकड़ने को तैयार हैं। मगर इसके लिए उन्होंने एक शर्त रखी है। उनकी शर्त है कि मोदी पहले राफेल डील पर उठ रहे सवालों के जवाब दें। उन्होंने बसपा नेता और पूर्व विधायक हाजी इकबाल के उत्पीड़न का विरोध करने की भी बात कही है।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद शनिवार को कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। दो दिन पहले एक न्यूज चैनल पर डिबेट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर जब पत्रकारों ने इमरान मसूद से पूछा कि क्या वह उस टिप्पणी पर मोदी से माफी मांगेंगे, तो इमरान का कहना था कि वह तो मोदी के पैर भी पकड़ने को तैयार हैं, मगर मोदी पहले राफेल डील पर उठ रहे सवालों का जवाब दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सवालों का जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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पूर्व विधायक इमरान मसूद ने कहा कि वह राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से बसपा नेता और पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के विरोधी हैं। मगर जिस तरह से शासन और प्रशासन उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रहा है वह ठीक नहीं है। उन्होंने यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाजी इकबाल नाम के गलत आदमी ने यूनिवर्सिटी बनाकर अच्छा काम किया है, जिसका लाभ सहारनपुर ही नहीं, आसपास के जनपदों के युवाओं को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार हाजी इकबाल की यूनिवर्सिटी को टेकओवर कर उसे बर्बाद करना चाहती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन को चेताते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। प्रशासन का कोई भी व्यक्ति ऐसा काम न करे कि भविष्य में उसका खामियाजा उसे भी भुगतना पड़े। उन्होंने शासन और प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह अल्पसंख्यक संस्था होने की वजह से हाजी इकबाल की यूनिवर्सिटी को खत्म कर देना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए अहिंसक रूप से धरने देने की बात कही। इस मौके पर कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जावेद साबरी, देहात विधायक मसूद अख्तर, बेहट विधायक नरेश सैनी, हमजा मसूद आदि मौजूद रहे।
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