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रिंग रोड बने तो शहर को मिले जाम से निजात
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:37 AM IST
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सहारनपुर। रिंग रोड नहीं होने की वजह से पांच राज्यों का ट्रैफिक शहर के बीच से होकर गुजरता है। जाम लगने की प्रमुख वजहों में एक यह भी है। दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे के तहत शहर के चारों ओर बनने वाले रिंग रोड का सहारनपुर की जनता पिछले आठ साल से बेसब्री से इंतजार कर रही है। प्रशासन कार्ययोजना बनाने का दावा तो करता है, मगर हर बार धन की कमी आड़े आ जाती है।
सहारनपुर यूपी का ऐसा शहर है, जो उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से घिरा है। दिल्ली भी यहां से दूर नहीं है। ऐसे में उक्त सभी राज्यों से आने वाले भारी वाहन सहारनपुर से होकर गुजरते हैं। लंबे समय से यह वाहन जाम की वजह बनते आ रहे हैं। ऐसे में रिंग रोड की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। करीब आठ साल पहले दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे के बनने की प्रक्रिया शुरू हुई। मगर निर्माण एजेंसी की गलतियों की वजह से दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे का निर्माण गति नहीं पकड़ सका। वर्तमान में आलम यह है कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले भारी वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसकी वजह से सहारनपुर में जाम की समस्या भी बढ़ती जा रही है। एक अनुमान के तहत यहां से अन्य राज्यों के एक हजार से अधिक ट्रक प्रतिदिन गुजरते हैं। चूंकि हरियाणा में प्लाइवुड की इंडस्ट्रीज भारी तादाद में हैं। ऐसे में यहां का पापुलर और यूके लिप्टिस भी भारी मात्रा में हरियाणा सप्लाई होता है। प्रतिदिन 200 से 300 ट्रॉली घंटाघर से होकर गुजरती हैं। ऐसे में ट्रॉलियां भी जाम की वजह बनती हैं। यदि शहर के चारों ओर रिंग रोड बन जाए तो हैवी ट्रैफिक जिसे एक राज्य से दूसरे राज्य या दूसरे जनपदों में जाना है तो वह बाहर से बाहर ही निकल जाएगा। ऐसे में सहारनपुर की जनता को रिंग रोड बनने का बेसब्री से इंतजार है।
स्मार्ट सिटी के तहत बनना था मिनी रिंग रोड
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम ने जब दूसरी बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था तो उसमें एक मिनी रिंग रोड सहारनपुर के चारों ओर बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया था। मगर शासन में उक्त पूरा प्रस्ताव पास नहीं हो सका। यही वजह रही कि तीसरी और अंतिम बार भेजे गए प्रस्ताव से मिनी रिंग रोड को बाहर करना पड़ा।
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सरकार एनएच बनाकर शांत बैठी
दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे पहले स्टेट हाइवे बनना था, जिसे वर्तमान राज्य सरकार ने एनएच घोषित कराया है। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हाइवे पर काम जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी थी। मगर एनएच घोषित होने के करीब आठ महीने बाद भी हाइवे पर काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोग मायूस हैं।
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दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे के निर्माण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को दिया गया है। इसके लिए पैसा भी रिलीज हो चुका है। जल्द ही काम शुरू होगा। जिसके बाद निश्चित ही शहर में घुसने वाले भारी वाहनों की संख्या में कमी आएगी।
- पीके पांडेय, डीएम।
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सहारनपुर यूपी का ऐसा शहर है, जो उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से घिरा है। दिल्ली भी यहां से दूर नहीं है। ऐसे में उक्त सभी राज्यों से आने वाले भारी वाहन सहारनपुर से होकर गुजरते हैं। लंबे समय से यह वाहन जाम की वजह बनते आ रहे हैं। ऐसे में रिंग रोड की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। करीब आठ साल पहले दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे के बनने की प्रक्रिया शुरू हुई। मगर निर्माण एजेंसी की गलतियों की वजह से दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे का निर्माण गति नहीं पकड़ सका। वर्तमान में आलम यह है कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले भारी वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसकी वजह से सहारनपुर में जाम की समस्या भी बढ़ती जा रही है। एक अनुमान के तहत यहां से अन्य राज्यों के एक हजार से अधिक ट्रक प्रतिदिन गुजरते हैं। चूंकि हरियाणा में प्लाइवुड की इंडस्ट्रीज भारी तादाद में हैं। ऐसे में यहां का पापुलर और यूके लिप्टिस भी भारी मात्रा में हरियाणा सप्लाई होता है। प्रतिदिन 200 से 300 ट्रॉली घंटाघर से होकर गुजरती हैं। ऐसे में ट्रॉलियां भी जाम की वजह बनती हैं। यदि शहर के चारों ओर रिंग रोड बन जाए तो हैवी ट्रैफिक जिसे एक राज्य से दूसरे राज्य या दूसरे जनपदों में जाना है तो वह बाहर से बाहर ही निकल जाएगा। ऐसे में सहारनपुर की जनता को रिंग रोड बनने का बेसब्री से इंतजार है।
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स्मार्ट सिटी के तहत बनना था मिनी रिंग रोड
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम ने जब दूसरी बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था तो उसमें एक मिनी रिंग रोड सहारनपुर के चारों ओर बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया था। मगर शासन में उक्त पूरा प्रस्ताव पास नहीं हो सका। यही वजह रही कि तीसरी और अंतिम बार भेजे गए प्रस्ताव से मिनी रिंग रोड को बाहर करना पड़ा।
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सरकार एनएच बनाकर शांत बैठी
दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे पहले स्टेट हाइवे बनना था, जिसे वर्तमान राज्य सरकार ने एनएच घोषित कराया है। प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हाइवे पर काम जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी थी। मगर एनएच घोषित होने के करीब आठ महीने बाद भी हाइवे पर काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोग मायूस हैं।
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दिल्ली-सहारनपुर-यमुनौत्री हाइवे के निर्माण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी को दिया गया है। इसके लिए पैसा भी रिलीज हो चुका है। जल्द ही काम शुरू होगा। जिसके बाद निश्चित ही शहर में घुसने वाले भारी वाहनों की संख्या में कमी आएगी।
- पीके पांडेय, डीएम।