{"_id":"5ad643b74f1c1b81028b50cb","slug":"141523991479-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भजनों के माध्यम से सामाजिक बुराईयों पर किया कुठाराघात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भजनों के माध्यम से सामाजिक बुराईयों पर किया कुठाराघात
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भजनों के माध्यम से सामाजिक बुराईयों पर किया कुठाराघात
देवबंद (सहारनपुर)। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला परिसर में आर्य समाज के शिविर में वक्ताओं ने समाज में फैली बुराईयों को दूर करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हवन यज्ञ ने किया गया। इसके ब्रह्मा नकुल देव आर्य और यजमान जनेश्वर प्रसाद रहे। भजनोपदेशक संदीप वैदिक ने महर्षि दयानंद द्वारा किए गए कार्य समाज में फैली बुराईयों छूआछूत, बाल विवाह और वारी शिक्षा जैसे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए लोगों का जगाने का काम किया। राजवीर आर्य ने गीतों के माध्यम से बताया कि यह देश जिसमें हम आजादी की सांस ले रहे हैं महर्षि दयानंद का ही बजाया बिगुल था। अमरेश आर्य ने जवानों को आह्वान किया कि हमें जागना है। यदि हम जागेंगे ही नहीं तो आतंकवादी इस देश को तबाह कर देंगे। विनोद दधिची और सुरेंद्र आर्य ने शराब जैसी कुरीतियों से बचने का आह्वान किया। हरि सिंह आर्य ने आर्य समाज के लोगों से नवयुवकों को जोड़ने का आह्वान किया। जनेश्वर प्रसाद ने कहा कि यह ऐसा राष्ट्र है जिसमें देशभक्ति का जज्बा है। उन्होंने कहा कि पंडित लेखराज, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे वीर इस देश में पैदा हुए हैं। गुरु कुलों की स्थापना आर्य समाज द्वारा की गई है। आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान देवेंद्र आर्य ने लोगों को कैंपों के माध्यम से महर्षि द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने को प्रेरित किया। इस मौके पर ईश्वर चंद आर्य, ब्रह्म सिंह, बिजेंद्र आर्य, महक सिंह, अजब सिंह, अनुराग आर्य, सुभाष त्यागी, सुरेश चंद त्यागी, दिनेश कुमार, रघुवीर सिंह, ओमपाल चौधरी आदि रहे।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला परिसर में आर्य समाज के शिविर में वक्ताओं ने समाज में फैली बुराईयों को दूर करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हवन यज्ञ ने किया गया। इसके ब्रह्मा नकुल देव आर्य और यजमान जनेश्वर प्रसाद रहे। भजनोपदेशक संदीप वैदिक ने महर्षि दयानंद द्वारा किए गए कार्य समाज में फैली बुराईयों छूआछूत, बाल विवाह और वारी शिक्षा जैसे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए लोगों का जगाने का काम किया। राजवीर आर्य ने गीतों के माध्यम से बताया कि यह देश जिसमें हम आजादी की सांस ले रहे हैं महर्षि दयानंद का ही बजाया बिगुल था। अमरेश आर्य ने जवानों को आह्वान किया कि हमें जागना है। यदि हम जागेंगे ही नहीं तो आतंकवादी इस देश को तबाह कर देंगे। विनोद दधिची और सुरेंद्र आर्य ने शराब जैसी कुरीतियों से बचने का आह्वान किया। हरि सिंह आर्य ने आर्य समाज के लोगों से नवयुवकों को जोड़ने का आह्वान किया। जनेश्वर प्रसाद ने कहा कि यह ऐसा राष्ट्र है जिसमें देशभक्ति का जज्बा है। उन्होंने कहा कि पंडित लेखराज, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे वीर इस देश में पैदा हुए हैं। गुरु कुलों की स्थापना आर्य समाज द्वारा की गई है। आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान देवेंद्र आर्य ने लोगों को कैंपों के माध्यम से महर्षि द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने को प्रेरित किया। इस मौके पर ईश्वर चंद आर्य, ब्रह्म सिंह, बिजेंद्र आर्य, महक सिंह, अजब सिंह, अनुराग आर्य, सुभाष त्यागी, सुरेश चंद त्यागी, दिनेश कुमार, रघुवीर सिंह, ओमपाल चौधरी आदि रहे।
विज्ञापन