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बंगलूरु में दारुल उलूम की नुमाइंदगी करेंगे मुफ्ती इस्माइल
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:53 PM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। नेशनल एजूकेशन पॉलिसी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के ड्राफ्ट के लिए बनाई गई समिति में मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना मुफ्ती इस्माइल मालेगांव दारुल उलूम की नुमाईंदगी करेंगे। 19 जनवरी को बंगलूरु में होने वाली मीटिंग में दारुल उलूम समेत दूसरे दीनी इदारों के जिम्मेदार मदरसों को लेकर अपना अपना रुख समिति के सामने पेश करेंगे।
केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय ने हाल ही में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी के ड्राफ्ट के लिए एक समिति बनाई है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मभूषण डा. कस्तूरी रंजन को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि 10 सदस्य भी रखे गए हैं। आगामी 19 जनवरी को बैंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल में इसकी मीटिंग होनी हैं। जिसमें दारुल उलूम समेत दूसरे दीनी इदारों के जिम्मेदारों को अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया गया है। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम की ओर से नुमाईंदगी की जिम्मेदारी संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा के वरिष्ठ सदस्य मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इस्माईल मालेगांव को सौंपी गई है। नई एजूकेशन पॉलिसी को लेकर मुफ्ती इस्माइल मदरसों को लेकर वर्तमान हालात में जिस तरह का माहौल बनाया गया है तथा तालीमी निजाम को ओर बेहतर कैसा बनाया जाए इस पर मसौदा पेश करेंगे। मुफ्ती इस्माईल ने कहा कि मुल्क के मौजूदा हालात में दीनी मदारिसों को दहशतगर्दी का केंद्र करार दिया जा रहा है। मदरसों में दीनी व दुनियावी तालीम देने के लिए इस कमेटी की सिफारिश मदरसों के जिम्मेदारों के लिए बहुत अहमियत रखती है। उन्होंने कहा कि दीनी मदारिस को कंट्रोल करने के लिए तरह तरह की कोशिशें की जा रही हैं। जिससे वर्तमान में मदरसों की हिफाजत को खतरा बना हुआ है। ऐसे में इस मीटिंग का महत्व चार गुना बढ़ जाता है। बता दें कि उक्त कमेटी 31 मार्च को अपनी रिपोर्ट मानव संसाधन मंत्रालय को सौंपेगी।
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केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय ने हाल ही में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी के ड्राफ्ट के लिए एक समिति बनाई है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मभूषण डा. कस्तूरी रंजन को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि 10 सदस्य भी रखे गए हैं। आगामी 19 जनवरी को बैंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल में इसकी मीटिंग होनी हैं। जिसमें दारुल उलूम समेत दूसरे दीनी इदारों के जिम्मेदारों को अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया गया है। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम की ओर से नुमाईंदगी की जिम्मेदारी संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा के वरिष्ठ सदस्य मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इस्माईल मालेगांव को सौंपी गई है। नई एजूकेशन पॉलिसी को लेकर मुफ्ती इस्माइल मदरसों को लेकर वर्तमान हालात में जिस तरह का माहौल बनाया गया है तथा तालीमी निजाम को ओर बेहतर कैसा बनाया जाए इस पर मसौदा पेश करेंगे। मुफ्ती इस्माईल ने कहा कि मुल्क के मौजूदा हालात में दीनी मदारिसों को दहशतगर्दी का केंद्र करार दिया जा रहा है। मदरसों में दीनी व दुनियावी तालीम देने के लिए इस कमेटी की सिफारिश मदरसों के जिम्मेदारों के लिए बहुत अहमियत रखती है। उन्होंने कहा कि दीनी मदारिस को कंट्रोल करने के लिए तरह तरह की कोशिशें की जा रही हैं। जिससे वर्तमान में मदरसों की हिफाजत को खतरा बना हुआ है। ऐसे में इस मीटिंग का महत्व चार गुना बढ़ जाता है। बता दें कि उक्त कमेटी 31 मार्च को अपनी रिपोर्ट मानव संसाधन मंत्रालय को सौंपेगी।
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