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मतदाता सूची सुधार में सहारनपुर प्रशासन की बड़ी लापरवाही
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:42 AM IST
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सहारनपुर। लखनऊ प्रशासन की गड़बड़ी सामने आने के बाद नाराज राज्य चुनाव आयोग को शायद सहारनपुर के अफसरों की बड़ी लापरवाही की खबर नहीं है। मतदाता सूची में यहां बड़ी गड़बड़ी के चलते शहरी क्षेत्र के हजारों मतदाताओं के नाम ही गायब रहे। साफ है कि चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद भी अफसर कार्यालयों में बैठकर तैयारियां पूरी कराते रहे। यही कारण है कि पूरी पूरी कालोनी के नाम ही मतदाता सूची से गायब रहे। प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही पर लोगों का गुस्सा है। ऐसे में अब अपने-अपने माध्यम से शासन और चुनाव आयोग को इस गड़बड़ी की शिकायत की तैयारी में हैं।
नगर निगम के क्षेत्रों में वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। शहरी इलाके में 10 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले। कई-कई ऐसे इलाके भी रहे जिसमें पूरी कालोनी के लोगों का नाम ही मतदाता सूची में नहीं था। शहर के साउथ सिटी, विजय कालोनी, इंद्रा कालोनी, आवास विकास, नुमाइश कैंप, बड़तला, नदीम कालोनी, इस्लामिया कालेज का क्षेत्र सहित पूरे शहर में मतदाता सूची से लोगों के नाम गायब रहे। ऐसे में प्रशासन की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है। मतदान के लिए तैयार लोगों को प्रशासन की लापरवाही की वजह से वंचित रहना पड़ा। पहली बार हो रहे सहारनपुर मेयर चुनाव को लेकर यहां के लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। यही कारण है कि पूरे प्रदेश में सर्वाधिक मतदान वाले इस क्षेत्र में यह आंकड़ा ज्यादा हो सकता था। मगर, प्रशासन की लापरवाही से हजारों मतदाता मतदान से ही वंचित हो गए। यहां बता दें कि प्रशासन ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए पूरा कार्यक्रम जारी किया था। मगर, अफसरों ने इस दौरान सूची के निरीक्षण तक की जहमत नहीं उठाई। यही कारण है कि मतदान के दिन यह बड़ी गड़बडी सामने आई। उधर, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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कानूनी कार्रवाई की मांग
नदीम कालोनी निवासी अबरार, कुरबान, नईम, अमीर अहमद, जहीनुद्दीन, राशिद अंसारी, रशीद ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि सेक्टर 66 नदीम कालोनी में मतदाताओं की घोस्ट लिस्ट बनाई गई थी। मृत लोगों के नाम जुड़ने से यहां चुनाव निष्पक्ष नहीं रहा। मतदान के दिन मना करने के बाद भी मृत लोगों का वोट डलवा दिया गया। ऐसे में पीठासीन अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। उधर, वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के सदस्य रोशन लाल भाटिया ने बताया कि प्रेम वाटिका वार्ड 55 में परिवार के सात लोगों का नाम सूची में नहीं था।
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नगर निगम के क्षेत्रों में वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। शहरी इलाके में 10 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले। कई-कई ऐसे इलाके भी रहे जिसमें पूरी कालोनी के लोगों का नाम ही मतदाता सूची में नहीं था। शहर के साउथ सिटी, विजय कालोनी, इंद्रा कालोनी, आवास विकास, नुमाइश कैंप, बड़तला, नदीम कालोनी, इस्लामिया कालेज का क्षेत्र सहित पूरे शहर में मतदाता सूची से लोगों के नाम गायब रहे। ऐसे में प्रशासन की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है। मतदान के लिए तैयार लोगों को प्रशासन की लापरवाही की वजह से वंचित रहना पड़ा। पहली बार हो रहे सहारनपुर मेयर चुनाव को लेकर यहां के लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। यही कारण है कि पूरे प्रदेश में सर्वाधिक मतदान वाले इस क्षेत्र में यह आंकड़ा ज्यादा हो सकता था। मगर, प्रशासन की लापरवाही से हजारों मतदाता मतदान से ही वंचित हो गए। यहां बता दें कि प्रशासन ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए पूरा कार्यक्रम जारी किया था। मगर, अफसरों ने इस दौरान सूची के निरीक्षण तक की जहमत नहीं उठाई। यही कारण है कि मतदान के दिन यह बड़ी गड़बडी सामने आई। उधर, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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कानूनी कार्रवाई की मांग
नदीम कालोनी निवासी अबरार, कुरबान, नईम, अमीर अहमद, जहीनुद्दीन, राशिद अंसारी, रशीद ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि सेक्टर 66 नदीम कालोनी में मतदाताओं की घोस्ट लिस्ट बनाई गई थी। मृत लोगों के नाम जुड़ने से यहां चुनाव निष्पक्ष नहीं रहा। मतदान के दिन मना करने के बाद भी मृत लोगों का वोट डलवा दिया गया। ऐसे में पीठासीन अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। उधर, वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के सदस्य रोशन लाल भाटिया ने बताया कि प्रेम वाटिका वार्ड 55 में परिवार के सात लोगों का नाम सूची में नहीं था।
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