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दुआ के लिए अल्लाह की बारगाह में उठे हजारों हाथ
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:39 AM IST
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दुआ के लिए अल्लाह की बारगाह में उठे हजारों हाथ
देवबंद (सहारनपुर)। मुकद्दस रमजान की 28वीं शब के साथ ही मस्जिदों और घरों में चल रही तरावीह का भी समापन हो गया। एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण होने के अवसर पर दुआ में शिरकत करने दूर दराज से आए हजारों लोगों ने बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी।
मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण कराने के उपरांत जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अल्लाह ताआला ने जिस तरह रमजान माह में हम सबको अपनी रहमतों और फजीलतों से नवाजा, वो उस खुदा का अपने बंदों के लिए खास तोहफा है। उन्होंने कहा कि रमजान माह इस्लाम की मजबूत बुनियादों में से एक बुनियाद है। मौलाना मदनी ने आपसी सौहार्द, देश की शांति, भाईचारगी और एकता व अखंडता के लिए दुआ कराई। दुआ में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए हजारों अकीदतमंद सुबह से ही यहां पहुंचने लगे थे। जिन्होंने एक साथ अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर रो-रोकर दुआएं मांगी। जामा मस्जिद में कारी अफ्फान ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए कौम की तरक्की, देश में शांति व आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई। दुआ के बाद लोगों ने बाजारों में जाकर ईद-उल-फितर के लिए जमकर खरीदारी की। देर रात तक बाजारों में दिन जैसा माहौल देखने को मिला।
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देवबंद (सहारनपुर)। मुकद्दस रमजान की 28वीं शब के साथ ही मस्जिदों और घरों में चल रही तरावीह का भी समापन हो गया। एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण होने के अवसर पर दुआ में शिरकत करने दूर दराज से आए हजारों लोगों ने बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी।
मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण कराने के उपरांत जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अल्लाह ताआला ने जिस तरह रमजान माह में हम सबको अपनी रहमतों और फजीलतों से नवाजा, वो उस खुदा का अपने बंदों के लिए खास तोहफा है। उन्होंने कहा कि रमजान माह इस्लाम की मजबूत बुनियादों में से एक बुनियाद है। मौलाना मदनी ने आपसी सौहार्द, देश की शांति, भाईचारगी और एकता व अखंडता के लिए दुआ कराई। दुआ में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए हजारों अकीदतमंद सुबह से ही यहां पहुंचने लगे थे। जिन्होंने एक साथ अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर रो-रोकर दुआएं मांगी। जामा मस्जिद में कारी अफ्फान ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए कौम की तरक्की, देश में शांति व आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई। दुआ के बाद लोगों ने बाजारों में जाकर ईद-उल-फितर के लिए जमकर खरीदारी की। देर रात तक बाजारों में दिन जैसा माहौल देखने को मिला।
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