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बूचड़खाना
Updated Thu, 22 Jun 2017 01:07 AM IST
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गंगोह के कमेले में मानकों की होगी जांच
सहारनपुर। गंगोह में चल रहे नगर पालिका के कमेले के मानकों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा दिया गया था। इसी शर्त पर उसे संचालन की अनुमति दी गई थी। छह महीने का समय बृहस्पतिवार को खत्म हो रहा है। प्रशासन ने कमेले की जांच कराने की बात कही है।
एनजीटी ने प्रदूषण फैला रहे कमेलों को बंद कराने के आदेश जारी किए थे। इस क्रम में सहारनपुर में भी कमेलों केे बंद कराया गया था। गंगोह में नगर पालिका के चल रहे कमेले से निकलने वाले दूषित पानी के ट्रीटमेंट के लिए कमेले में कोई प्लांट नहीं था। साथ ही कमेले की वजह से वायु प्रदूषण भी फैल रहा था। इसकी शिकायतें भी प्रशासन को मिल रही थी। कमेला संचालकों ने मानकों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से छह महीने का समय मांगा था। बोर्ड ने वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय करने के लिए 19 जून 2017 और सेप्टिक टैंक आदि बनाने के लिए 22 जून 2017 तक का समय दिया था। जिसकी मियाद आज खत्म हो रही है। डीएम पीके पांडेय ने बताया कि वह टीम भेजकर कमेले की जांच कराएंगे। यदि वह मानकों को पूरा नहीं कर रहा होगा तो बंद कराया जाएगा।
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सहारनपुर। गंगोह में चल रहे नगर पालिका के कमेले के मानकों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा दिया गया था। इसी शर्त पर उसे संचालन की अनुमति दी गई थी। छह महीने का समय बृहस्पतिवार को खत्म हो रहा है। प्रशासन ने कमेले की जांच कराने की बात कही है।
एनजीटी ने प्रदूषण फैला रहे कमेलों को बंद कराने के आदेश जारी किए थे। इस क्रम में सहारनपुर में भी कमेलों केे बंद कराया गया था। गंगोह में नगर पालिका के चल रहे कमेले से निकलने वाले दूषित पानी के ट्रीटमेंट के लिए कमेले में कोई प्लांट नहीं था। साथ ही कमेले की वजह से वायु प्रदूषण भी फैल रहा था। इसकी शिकायतें भी प्रशासन को मिल रही थी। कमेला संचालकों ने मानकों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से छह महीने का समय मांगा था। बोर्ड ने वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय करने के लिए 19 जून 2017 और सेप्टिक टैंक आदि बनाने के लिए 22 जून 2017 तक का समय दिया था। जिसकी मियाद आज खत्म हो रही है। डीएम पीके पांडेय ने बताया कि वह टीम भेजकर कमेले की जांच कराएंगे। यदि वह मानकों को पूरा नहीं कर रहा होगा तो बंद कराया जाएगा।
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