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बाल भिक्षावृति रोकने को पद् यात्रा पर आशीष
Updated Thu, 03 May 2018 11:48 PM IST
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सहारनपुर। देश से बाल भिक्षावृत्ति खत्म करने के लिए दिल्ली के आशीष शर्मा ने अनोखी मुहिम छेड़ी है। वह देशभर में पैदल यात्रा कर लोगों से बच्चों को भीख ना देने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में 5208 किलोमीटर की यात्रा तय कर बृहस्पतिवार को आशीष ने सहारनपुर पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की।
दिल्ली के समयपुर बादली निवासी युवा इंजीनियर आशीष शर्मा पुत्र सुरेश शर्मा बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए पैदल यात्रा पर हैं। बृहस्पतिवार को आशीष शर्मा ने सहारनपुर पहुंचकर जिलाधिकारी पीके पांडेय से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त 2017 से पदयात्रा की शुरूआत की थी। एक वर्ष में वह पूरे देश में 17 किलोमीटर की यात्रा कर लोगों को जागरूक करेंगे। आशीष ने बताया कि वह अपनी इंजीनियर की नौकरी छोड़ चुके हैं। वह जब कक्षा छह में थे, तभी से वृद्धाश्रम जाते थे। तभी उन्हें अहसास हो गया कि इस समस्या की जड़ बच्चों में ही है। अगर बच्चे खुश नहीं होंगे तो बुजुर्ग कैसे सुखी रहेंगे। सड़कों पर बच्चे भीख मांगते दिख जाते हैं। लेकिन कोई उनके लिए कुछ नहीं करता है। वह उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। मगर, व्यक्तिगत रूप वह 50 से 100 बच्चों से मिल सकते थे। इसलिए लक्ष्य को पाने के लिए पूरी युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। आशीष ने दुआएं फाउंडेशन के तहत 17 हजार किलोमीटर की पदयात्रा को उनमुक्त भारत का नाम दिया है। आशीष का कहना है कि वह लोगों की भावनाओं को जगाना चाहते हैं। जब उनको पता चलेगा कि कोई 17 हजार किलोमीटर सिर्फ बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए पैदल चल रहा है तो उसका असर जरूर होगा। वह अपने अभियान में स्कूल-कॉलेजों के अध्यापकों और अधिकारियों से मिलकर जागरूकता के लिए सहयोग मांग रहे हैं। आगामी 14 जून 2018 को उनमुक्त दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि इस आयोजन में लोग भीख मांगने वाले बच्चों की बेहतर शिक्षा दिलाने और एक आदर्श समाज बनाने की शपथ लें।
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दो करोड़ से ज्यादा लोगों को दिलाई भीख ना देने की शपथ
सहारनपुर। आशीष शर्मा ने बताया कि वह अभी तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गोवा, दमन, सिलवासा , महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड से होते हुए सहारनपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्कूलों कॉलेजों में और दो करोड़ से अधिक लोगों को बच्चों को भीख ना देने की शपथ दिलाई है।
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दिल्ली के समयपुर बादली निवासी युवा इंजीनियर आशीष शर्मा पुत्र सुरेश शर्मा बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए पैदल यात्रा पर हैं। बृहस्पतिवार को आशीष शर्मा ने सहारनपुर पहुंचकर जिलाधिकारी पीके पांडेय से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त 2017 से पदयात्रा की शुरूआत की थी। एक वर्ष में वह पूरे देश में 17 किलोमीटर की यात्रा कर लोगों को जागरूक करेंगे। आशीष ने बताया कि वह अपनी इंजीनियर की नौकरी छोड़ चुके हैं। वह जब कक्षा छह में थे, तभी से वृद्धाश्रम जाते थे। तभी उन्हें अहसास हो गया कि इस समस्या की जड़ बच्चों में ही है। अगर बच्चे खुश नहीं होंगे तो बुजुर्ग कैसे सुखी रहेंगे। सड़कों पर बच्चे भीख मांगते दिख जाते हैं। लेकिन कोई उनके लिए कुछ नहीं करता है। वह उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। मगर, व्यक्तिगत रूप वह 50 से 100 बच्चों से मिल सकते थे। इसलिए लक्ष्य को पाने के लिए पूरी युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। आशीष ने दुआएं फाउंडेशन के तहत 17 हजार किलोमीटर की पदयात्रा को उनमुक्त भारत का नाम दिया है। आशीष का कहना है कि वह लोगों की भावनाओं को जगाना चाहते हैं। जब उनको पता चलेगा कि कोई 17 हजार किलोमीटर सिर्फ बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए पैदल चल रहा है तो उसका असर जरूर होगा। वह अपने अभियान में स्कूल-कॉलेजों के अध्यापकों और अधिकारियों से मिलकर जागरूकता के लिए सहयोग मांग रहे हैं। आगामी 14 जून 2018 को उनमुक्त दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि इस आयोजन में लोग भीख मांगने वाले बच्चों की बेहतर शिक्षा दिलाने और एक आदर्श समाज बनाने की शपथ लें।
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दो करोड़ से ज्यादा लोगों को दिलाई भीख ना देने की शपथ
सहारनपुर। आशीष शर्मा ने बताया कि वह अभी तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गोवा, दमन, सिलवासा , महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड से होते हुए सहारनपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्कूलों कॉलेजों में और दो करोड़ से अधिक लोगों को बच्चों को भीख ना देने की शपथ दिलाई है।
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