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चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों से तोहफे लेने में करना चाहिए परहेज: फतवा
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:34 AM IST
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देवबंद(सहारनपुर)। निकाय चुनाव के दौरान मुस्लिम मतदाताओं को एक हिंदू प्रत्याशी द्वारा मुसल्ला (जानमाज) बांटने के मामले में दूसरे प्रत्याशी ने दारुल उलूम से ऑनलाइन सवाल किया था कि क्या मुस्लिम मतदाताओं को तोहफे में जानमाज लेना सही है?। जिस पर मुफ्तियों ने मुसलमानों को इस प्रकार के तोहफों से परहेज करने की सलाह दी है।
मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी राघवेंद्र कंसल ने दारुल उलूम के मुफ्तियों से ऑनलाइन सवाल पूछा था कि निकाय चुनाव लड़े एक हिंदू प्रत्याशी ने मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए उन्हें तोहफे में जानमाज बांटी थी। क्या मुस्लिम मतदाताओं का किसी प्रत्याशी से गिफ्ट लेना इस्लाम धर्म में सही है और क्या उस पर नमाज पढ़ी जा सकती है?। इस पर दारुल उलूम के मुफ्तियों की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने जवाब दिया कि मुसलमानों को इस तरह के तोहफों से परहेज रखना चाहिए। राघवेंद्र कंसल के मुताबिक दारुल उलूम के मुफ्तियों ने फतवे में यह भी कहा कि इस प्रकार के तोहफे लेने के साथ साथ उस पर नमाज पढ़ने से भी बचना चाहिए। उधर, फतवे को लेकर मदरसा जामिया तुल कुदसियात शिक्षा समिति के मुफ्ती शौकत का कहना है कि वोट लेने के लिए किसी भी प्रकार के तोहफे मतदाताओं को पेश करना सरासर गलत है। क्योंकि यह एक तरह की रिश्वत है जिससे मुसलमानों को बचना चाहिए।
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मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी राघवेंद्र कंसल ने दारुल उलूम के मुफ्तियों से ऑनलाइन सवाल पूछा था कि निकाय चुनाव लड़े एक हिंदू प्रत्याशी ने मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए उन्हें तोहफे में जानमाज बांटी थी। क्या मुस्लिम मतदाताओं का किसी प्रत्याशी से गिफ्ट लेना इस्लाम धर्म में सही है और क्या उस पर नमाज पढ़ी जा सकती है?। इस पर दारुल उलूम के मुफ्तियों की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने जवाब दिया कि मुसलमानों को इस तरह के तोहफों से परहेज रखना चाहिए। राघवेंद्र कंसल के मुताबिक दारुल उलूम के मुफ्तियों ने फतवे में यह भी कहा कि इस प्रकार के तोहफे लेने के साथ साथ उस पर नमाज पढ़ने से भी बचना चाहिए। उधर, फतवे को लेकर मदरसा जामिया तुल कुदसियात शिक्षा समिति के मुफ्ती शौकत का कहना है कि वोट लेने के लिए किसी भी प्रकार के तोहफे मतदाताओं को पेश करना सरासर गलत है। क्योंकि यह एक तरह की रिश्वत है जिससे मुसलमानों को बचना चाहिए।
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