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जिले में बनेंगे 13 नए गोवंश आश्रय स्थल
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सहारनपुर। गोवंश सड़कों पर न घूमें, इसके लिए जिले की पांच तहसील क्षेत्र में 13 स्थानों पर नए गोवंश आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। इसे लेकर पशुपालन विभाग ने सर्वे कराकर जगह चिह्नित कर ली है। इन गोवंश आश्रय स्थलों को मनरेगा के तहत विकसित किया जाएगा।
दरअसल, जिले में दो साल पहले प्रत्येक विकास खंड स्तर पर 11 गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए थे। इनके साथ ही शहर में नगर निगम की ओर से गोवंश आश्रय स्थल विकसित किया गया था। इन गोवंश आश्रय स्थलों में वर्तमान में 1586 गोवंश हैं। ये क्षमता से अधिक हैं। इनमें अन्य गोवंश रखने के लिए जगह नहीं बची है। इसके मद्देनजर शासन के निर्देशानुसार पशुपालन विभाग ने 13 नए गोवंश आश्रय स्थल बनाने का खाका तैयार किया है। इसे लेकर जनपद की पांचों तहसील क्षेत्रों के 13 ग्राम पंचायतों में जगह चिह्नित की गई हैं। जल्द मनरेगा के तहत निर्माण कार्य शुरू होगा।
यहां बनेंगे गो-आश्रय स्थल
तहसील नकुड़ क्षेत्र के ग्राम काजीपुरा, ढोलामाजरा, ढायकी, मानपुर, रामपुर मनिहारान क्षेत्र में गांव जड़ौदापांडा, अंबेहटा चांद, तहसील सदर के गांव कांकरकुई, नल्हेड़ा, बेगमपुर, देवबंद क्षेत्र के गांव खजूरी, धर्मपुर गुर्जर, बेहट तहसील के गांव कांसेेपुर में गोवंश आश्रय स्थल बनाए जाएंगे।
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यह रहेगी व्यवस्था
गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंश की सर्दी और गर्मी से बचाव की व्यवस्था की जाएगी। इसे लेकर पंखे भी लगाए जाएंगे। सर्दी में तिरपाल से गोवंश स्थल को ढका जाएगा। सफाई के लिए एक गोवंश आश्रय स्थल में दो से तीन कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनके अतिरिक्त देखरेख के लिए अलग पांच से छह कर्मचारियों को जिम्मेदारी रहेगी। प्रत्येक माह पशु चिकित्सकों की टीम गोवंश के स्वास्थ्य की जांचकर दवा भी देगी।
वर्जन
13 नए गोवंश आश्रय स्थल बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई हैं। शासन के निर्देशानुसार जल्द कार्य शुरू होगा। विभाग की ओर से पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। - राजीव सक्सेना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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दरअसल, जिले में दो साल पहले प्रत्येक विकास खंड स्तर पर 11 गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए थे। इनके साथ ही शहर में नगर निगम की ओर से गोवंश आश्रय स्थल विकसित किया गया था। इन गोवंश आश्रय स्थलों में वर्तमान में 1586 गोवंश हैं। ये क्षमता से अधिक हैं। इनमें अन्य गोवंश रखने के लिए जगह नहीं बची है। इसके मद्देनजर शासन के निर्देशानुसार पशुपालन विभाग ने 13 नए गोवंश आश्रय स्थल बनाने का खाका तैयार किया है। इसे लेकर जनपद की पांचों तहसील क्षेत्रों के 13 ग्राम पंचायतों में जगह चिह्नित की गई हैं। जल्द मनरेगा के तहत निर्माण कार्य शुरू होगा।
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यहां बनेंगे गो-आश्रय स्थल
तहसील नकुड़ क्षेत्र के ग्राम काजीपुरा, ढोलामाजरा, ढायकी, मानपुर, रामपुर मनिहारान क्षेत्र में गांव जड़ौदापांडा, अंबेहटा चांद, तहसील सदर के गांव कांकरकुई, नल्हेड़ा, बेगमपुर, देवबंद क्षेत्र के गांव खजूरी, धर्मपुर गुर्जर, बेहट तहसील के गांव कांसेेपुर में गोवंश आश्रय स्थल बनाए जाएंगे।
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यह रहेगी व्यवस्था
गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंश की सर्दी और गर्मी से बचाव की व्यवस्था की जाएगी। इसे लेकर पंखे भी लगाए जाएंगे। सर्दी में तिरपाल से गोवंश स्थल को ढका जाएगा। सफाई के लिए एक गोवंश आश्रय स्थल में दो से तीन कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनके अतिरिक्त देखरेख के लिए अलग पांच से छह कर्मचारियों को जिम्मेदारी रहेगी। प्रत्येक माह पशु चिकित्सकों की टीम गोवंश के स्वास्थ्य की जांचकर दवा भी देगी।
वर्जन
13 नए गोवंश आश्रय स्थल बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई हैं। शासन के निर्देशानुसार जल्द कार्य शुरू होगा। विभाग की ओर से पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। - राजीव सक्सेना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी