{"_id":"5a5a59c74f1c1ba93f8b4add","slug":"121515870663-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वेटर का पैसा लौटाने की तैयारी में शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वेटर का पैसा लौटाने की तैयारी में शिक्षक
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वेटर का पैसा लौटाने की तैयारी में शिक्षक
सहारनपुर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राआें को स्वेटर वितरण का मामला और पेचीदा होता जा रहा है। डीएम के निर्देश के बावजूद शिक्षक अपनी बात पर कायम हैं। इतना ही नहीं, शिक्षकों ने स्वेटर का पैसा वापस विभाग को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि यदि 200 रुपये में गुणवत्तापूर्ण स्वेटर आता है तो विभाग और प्रशासन मिलकर खरीद ले और उन्हें मुहैया करा दे।
कक्षा आठ तक विद्यार्थियों को सरकार नि:शुल्क रूप से स्वेटर मुहैया कराती है। इस बार शासन ने 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से पैसा विद्यालयों के खाते में भेजा है। शिक्षकों ने स्वेटर के लिए निर्धारित 200 रुपये की धनराशि को बेहद कम बताया है। शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार लखनऊ में स्वेटर खरीद रही थी, जहां 275 रुपये में भी अच्छा स्वेटर नहीं मिला है। इसके बाद सरकार ने स्वेटर खरीदने की बजाय पैसा विद्यालयों के खातों में भेजकर शिक्षकों की सिरदर्दी बढ़ा दी है।
शिक्षकों के अनुसार सरकार शिक्षकों पर कम से कम 350 ग्राम ऊन का गुणवत्तापूर्ण स्वेटर उपलब्ध कराने का दबाव बना रही है जो संभव नहीं है। शिक्षकों ने 200 रुपये में किसी भी सूरत में स्वेटर उपलब्ध न हो पाने की बात कहते हुए योजना से हाथ खड़े कर लिए हैं। इसके बाद दो दिन पहले ही डीएम पीके पांडेय ने भी गुुणवत्तापूर्ण स्वेटर वितरण के निर्देश विभाग को दिए हैं। इसके बावजूद शिक्षक अपनी बात पर अड़े हैं।
विज्ञापन
इस मामले में उत्तर प्रदेशीय बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार का कहना है कि इतनी कम कीमत में स्वेटर मिलना संभव नहीं है। ऐसे में तमाम शिक्षक स्वेटर का पैसा विभाग को वापस भेजने की तैयारी में हैं। जिला प्रशासन और विभाग जिला स्तर पर कमेटी बनाकर स्वेटर खरीदकर शिक्षकों को दे दें तो वे वितरण कर देंगे। उधर, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री डॉ. अनिल बावरे ने कहा कि संगठन और उससे जुड़े शिक्षक इतनी कम कीमत में स्वेटर उपलब्ध नहीं करा सकते हैं।
-----
स्वेटर का पैसा विद्यालयों के खाते में भेजा जा चुका है। शिक्षकों को स्वेटर वितरण के लिए बार-बार कहा गया है। मगर वह बजट कम होने की बात कह रहे हैं। जिलाधिकारी ने भी स्वेटर वितरण करने के निर्देश दिए हैं।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
विज्ञापन
सहारनपुर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राआें को स्वेटर वितरण का मामला और पेचीदा होता जा रहा है। डीएम के निर्देश के बावजूद शिक्षक अपनी बात पर कायम हैं। इतना ही नहीं, शिक्षकों ने स्वेटर का पैसा वापस विभाग को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि यदि 200 रुपये में गुणवत्तापूर्ण स्वेटर आता है तो विभाग और प्रशासन मिलकर खरीद ले और उन्हें मुहैया करा दे।
कक्षा आठ तक विद्यार्थियों को सरकार नि:शुल्क रूप से स्वेटर मुहैया कराती है। इस बार शासन ने 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से पैसा विद्यालयों के खाते में भेजा है। शिक्षकों ने स्वेटर के लिए निर्धारित 200 रुपये की धनराशि को बेहद कम बताया है। शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार लखनऊ में स्वेटर खरीद रही थी, जहां 275 रुपये में भी अच्छा स्वेटर नहीं मिला है। इसके बाद सरकार ने स्वेटर खरीदने की बजाय पैसा विद्यालयों के खातों में भेजकर शिक्षकों की सिरदर्दी बढ़ा दी है।
विज्ञापन
शिक्षकों के अनुसार सरकार शिक्षकों पर कम से कम 350 ग्राम ऊन का गुणवत्तापूर्ण स्वेटर उपलब्ध कराने का दबाव बना रही है जो संभव नहीं है। शिक्षकों ने 200 रुपये में किसी भी सूरत में स्वेटर उपलब्ध न हो पाने की बात कहते हुए योजना से हाथ खड़े कर लिए हैं। इसके बाद दो दिन पहले ही डीएम पीके पांडेय ने भी गुुणवत्तापूर्ण स्वेटर वितरण के निर्देश विभाग को दिए हैं। इसके बावजूद शिक्षक अपनी बात पर अड़े हैं।
विज्ञापन
इस मामले में उत्तर प्रदेशीय बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार का कहना है कि इतनी कम कीमत में स्वेटर मिलना संभव नहीं है। ऐसे में तमाम शिक्षक स्वेटर का पैसा विभाग को वापस भेजने की तैयारी में हैं। जिला प्रशासन और विभाग जिला स्तर पर कमेटी बनाकर स्वेटर खरीदकर शिक्षकों को दे दें तो वे वितरण कर देंगे। उधर, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री डॉ. अनिल बावरे ने कहा कि संगठन और उससे जुड़े शिक्षक इतनी कम कीमत में स्वेटर उपलब्ध नहीं करा सकते हैं।
-----
स्वेटर का पैसा विद्यालयों के खाते में भेजा जा चुका है। शिक्षकों को स्वेटर वितरण के लिए बार-बार कहा गया है। मगर वह बजट कम होने की बात कह रहे हैं। जिलाधिकारी ने भी स्वेटर वितरण करने के निर्देश दिए हैं।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।