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बस अड्डों को शहर से बाहर करने की कवायद
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:08 AM IST
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सहारनपुर। शहर में स्थित दोनों बस अड्डों को बाहर करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी महीने जमीन फाइनल हो जाने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि बस अड्डों के शहर से बाहर होने के बाद संबंधित मार्गों पर जाम की स्थिति से निजात मिलेगी और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। शहर में परिवहन निगम के दो बस अड्डे हैं। पहला रेलवे रोड पर है, जहां से उत्तराखंड के लिए बसों का संचालन होता है। दूसरा बस अड्डा अंबाला रोड पर है, जहां से दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और पंजाब, हरियाणा और हिमाचल आदि के लिए बसें चलती हैं। दोनों अड्डों से करीब 200 बसें संचालित होती हैं। इन बस अड्डों से संचालित होने वाली बसें घंटाघर से होकर शहर के बीच से निकलती हैं। इनकी वजह से यातायात व्यवस्था गड़बड़ाई रहती है। बस अड्डों पर बसों के सड़क के बीच में खड़े होने से दिन भर जाम लगा रहता है। ऐसे में करीब एक दशक से बस अड्डों को शहर से बाहर करने की मांग उठती रही है। पिछले वर्ष तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक ने जनता रोड, देहरादून रोड और दिल्ली रोड पर जमीनें देखी थीं, मगर बात नहीं बन सकी। वर्तमान डीएम पीके पांडेय ने बस अड्डों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। डीएम ने क्षेत्रीय प्रबंधक को सोमवार को मीटिंग के लिए बुलाया है, जिसमें बस अड्डे के लिए जमीन फाइनल होने की संभावना जताई जा रही है।
बस अड्डों को शहर से बाहर ले जाने के लिए हम पूरी तरह गंभीर हैं। हमने जमीन देख भी ली है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक को बुलाया गया है। उनके साथ बैठकर जमीन फाइनल कर ली जाएगी, जिसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
पीके पांडेय, डीएम।
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बस अड्डों को शहर से बाहर ले जाने के लिए हम पूरी तरह गंभीर हैं। हमने जमीन देख भी ली है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक को बुलाया गया है। उनके साथ बैठकर जमीन फाइनल कर ली जाएगी, जिसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
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पीके पांडेय, डीएम।