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दो दिवसीय उर्स धूमधाम से संपन्न
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:16 AM IST
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दो दिवसीय उर्स धूमधाम से संपन्न
सहारनपुर। शेखपुरा कदीम स्थित दरगाह हजरत डा. इल्ललाह वाले मियां का दो दिवसीय आठवां उर्स मुबारक मंगलवार को धूमधाम से संपन्न हुआ। इस मौके पर कुरआन ख्वानी, मीलाद शरीफ, लंगर, जलसा ए आजमी और कव्वाली आदि कार्यक्रम पेश किए गए। जायरीनों ने चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगी।
दरगाह के सज्जाद नशींन सैय्यद मुराद हुसैन ने जलसा ए आजमी में खिताब करते हुए हजरत डॉ. आजम अली शाह कादरी और कलंदर उर्फ हजरत इल्ललाह वाले मियां के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजरत ने वर्ष 1952 में अमेरिका से एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर हिंदुस्तान में अपना अस्पताल खोला। लेकिन उनका मन दुनियादारी से हटकर खुदा में जा लगा। कार्यक्रम में कव्वालों ने सूफीयाना कलाम पेश कर समां बांध दिया। मुख्य अतिथि हरियाणा से आए रविन्द्र कुमार सोनू रहे। अध्यक्षता हाजी अब्दुल सलाम आजमी एवं संचालन सैयद गुड्डू साबरी ने किया। गामा आजमी, मुबारक हुसैन, नसीर आजमी, सैयद शमीम, सैयद शाद फैज अली, फरमान खान, सैयद गुलफराज, शकील अहमद, फकीरा खां, दिलशाद खां, अनवार अंसारी, गुलजार अंसारी, राव लड्डन, यामीन मलिक, सैयद मुराद हुसैन आदि रहे।
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सहारनपुर। शेखपुरा कदीम स्थित दरगाह हजरत डा. इल्ललाह वाले मियां का दो दिवसीय आठवां उर्स मुबारक मंगलवार को धूमधाम से संपन्न हुआ। इस मौके पर कुरआन ख्वानी, मीलाद शरीफ, लंगर, जलसा ए आजमी और कव्वाली आदि कार्यक्रम पेश किए गए। जायरीनों ने चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगी।
दरगाह के सज्जाद नशींन सैय्यद मुराद हुसैन ने जलसा ए आजमी में खिताब करते हुए हजरत डॉ. आजम अली शाह कादरी और कलंदर उर्फ हजरत इल्ललाह वाले मियां के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजरत ने वर्ष 1952 में अमेरिका से एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर हिंदुस्तान में अपना अस्पताल खोला। लेकिन उनका मन दुनियादारी से हटकर खुदा में जा लगा। कार्यक्रम में कव्वालों ने सूफीयाना कलाम पेश कर समां बांध दिया। मुख्य अतिथि हरियाणा से आए रविन्द्र कुमार सोनू रहे। अध्यक्षता हाजी अब्दुल सलाम आजमी एवं संचालन सैयद गुड्डू साबरी ने किया। गामा आजमी, मुबारक हुसैन, नसीर आजमी, सैयद शमीम, सैयद शाद फैज अली, फरमान खान, सैयद गुलफराज, शकील अहमद, फकीरा खां, दिलशाद खां, अनवार अंसारी, गुलजार अंसारी, राव लड्डन, यामीन मलिक, सैयद मुराद हुसैन आदि रहे।
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