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संविधान और आरक्षण विरोधी है भाजपा -- आरपी सिंह
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सहारनपुर। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर आरपी सिंह आंबेडकर ने कहा कि भाजपा की नीतियां संविधान और आरक्षण के विरोधी हैं, लेकिन बहुजन समाज इनकी दमनकारी नीतियों को सहन नहीं करेगा। इसकी खातिर चाहे कितनी ही बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
रविवार को सहारनपुर में देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई। उसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह आंबेडकर ने कहा कि वर्तमान सरकार के संरक्षण में जिस तरह से संवैधानिक व्यवस्थाओं, संस्थाओं, लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है, उससे देश की बहुसंख्यक जनता के भविष्य पर संकट आ गया है। संविधान की मूल भावना के खिलाफ जाकर आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है, प्रोन्नति में आरक्षण समाप्त करने, 13 प्वाइंट रोस्टर बनाकर विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में एससी, एसटी,ओबीसी का आरक्षण समाप्त करने तथा संसद की स्ट्रीट पर संविधान की प्रति जलाने की घटनाएं दर्शाती है कि वर्तमान सरकार एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार समाप्त करने के साथ ही संविधान को बदलना चाहती है। लेकिन आरएसएस के इस इरादे को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में किसान, कामगार, मजदूर तथा आरक्षण विरोधी सरकार को जनता उखाड़ देगी। सरकार की नीतियों के खिलाफ सहारनपुर के हकीकतनगर रामलीला मैदान में रैली होगी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए गांव चंदनपुर, ताहरपुर, पीकी, नल्हेड़ा गुर्जर आदि कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान ईशम सिंह, विवेक वार्डन, सुलेखचंद, राममेहर जयंत, जबर सिंह प्रधान, इमरान, शीशराम प्रधान और गौरव पारचा आदि मौजूद रहे।
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संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन
सहारनपुर। संविधान बचाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपकर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने पर विरोध जताया। ज्ञापन मेें कहा गया कि सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देना संविधान के विपरीत है। इसके खिलाफ चार चरणों में आंदोलन किया जाएगा। उनकी मांग है कि एससी, एसटी, ओबीसी को इनकी संख्या के आधार पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए, ओबीसी पर लगाया गया क्रीमीलेयर हटाया जाए, जाति आधारित गणना कराई जाए, एससी-एसटी अन्याय अत्याचार निवारण कानून को सख्त बनाया जाए, आगामी लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। ज्ञापन देने वालों में सोबीर सिंह गौतम, डा. राजेश कोहली, कृष्ण कुमार, सतीश चौटाला, सुमित कुमार, जसबीर सिंह गौतम और प्रतिभा बर्मन आदि मौजूद रहे।
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रविवार को सहारनपुर में देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई। उसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह आंबेडकर ने कहा कि वर्तमान सरकार के संरक्षण में जिस तरह से संवैधानिक व्यवस्थाओं, संस्थाओं, लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है, उससे देश की बहुसंख्यक जनता के भविष्य पर संकट आ गया है। संविधान की मूल भावना के खिलाफ जाकर आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है, प्रोन्नति में आरक्षण समाप्त करने, 13 प्वाइंट रोस्टर बनाकर विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में एससी, एसटी,ओबीसी का आरक्षण समाप्त करने तथा संसद की स्ट्रीट पर संविधान की प्रति जलाने की घटनाएं दर्शाती है कि वर्तमान सरकार एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार समाप्त करने के साथ ही संविधान को बदलना चाहती है। लेकिन आरएसएस के इस इरादे को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में किसान, कामगार, मजदूर तथा आरक्षण विरोधी सरकार को जनता उखाड़ देगी। सरकार की नीतियों के खिलाफ सहारनपुर के हकीकतनगर रामलीला मैदान में रैली होगी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए गांव चंदनपुर, ताहरपुर, पीकी, नल्हेड़ा गुर्जर आदि कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान ईशम सिंह, विवेक वार्डन, सुलेखचंद, राममेहर जयंत, जबर सिंह प्रधान, इमरान, शीशराम प्रधान और गौरव पारचा आदि मौजूद रहे।
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संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन
सहारनपुर। संविधान बचाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपकर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने पर विरोध जताया। ज्ञापन मेें कहा गया कि सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देना संविधान के विपरीत है। इसके खिलाफ चार चरणों में आंदोलन किया जाएगा। उनकी मांग है कि एससी, एसटी, ओबीसी को इनकी संख्या के आधार पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए, ओबीसी पर लगाया गया क्रीमीलेयर हटाया जाए, जाति आधारित गणना कराई जाए, एससी-एसटी अन्याय अत्याचार निवारण कानून को सख्त बनाया जाए, आगामी लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। ज्ञापन देने वालों में सोबीर सिंह गौतम, डा. राजेश कोहली, कृष्ण कुमार, सतीश चौटाला, सुमित कुमार, जसबीर सिंह गौतम और प्रतिभा बर्मन आदि मौजूद रहे।