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अनशनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं लेने से किया इंकार
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अनशनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं लेने से किया इंकार
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। चीनी मिल संचालित कराने की मांग को लेकर किसानों का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। उधर, धरना भी 72वें दिन में पहुंच गया है। सोमवार को आमरण अनशन पर बैठे किसानों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंची टीम और जिला चिकित्सालय दोनों की सेवाएं लेने से इंकार कर दिया।
पिछले चार वर्ष से बंद पड़ी टोडरपुर मिल का संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसान 20 अक्तूबर से मिल गेट पर लगातार धरना दे रहे हैं। सोमवार को आमरण अनशन के चौथे दिन धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आमरण अनशन पर बैठे किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम प्रभारी डॉ. विकास कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में आमरण अनशन शरीर के लिए हानिकारक होता है। उधर, आमरण अनशन पर बैठे किसान पद्म प्रकाश शर्मा, बाबूराम सैनी, हाजी खुर्शीद और मोहम्मद इश्त्याक सहित अन्य का कहना है कि अब वे प्रशासन की कोई सेवा नहीं लेंगे।
रविवार को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराए गए किसानों का ही सही उपचार नहीं किया जा रहा है। एक-एक बेड पर दो-दो किसानों को लेटाकर चिकित्सा के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। चिकित्सालय में भर्ती किसान दर्शनलाल कांबोज, चमेल सिंह सैनी और हाजी मुकर्रम ने भी अनशन नहीं तोड़ा है। किसान वहां भी आमरण पर ही रहेंगे तथा चिकित्सालय से छुट्टी होने पर दोबारा धरना स्थल पर पहुंचकर अनशन में शामिल होंगे। लगातार पड़ रहे पाले एवं सर्दी के बावजूद प्रशासन ने आज तक अनशन पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है।
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धरना स्थल पर किसान जगपाल सिंह, रामपाल सिंह, शंभूराम, बिरमपाल कांबोज, सतीश शर्मा, बुद्ध सिंह प्रधान, रणबीर सिंह, रामपाल सिंह, इंद्राज सिंह कांबोज, चौधरी देवी सिंह, शिकलचंद, मेघराज सैनी, सोमपाल सिंह, सुरेशपाल, शोभाराम भगत, मेनपाल सिंह, रघुवीर सिंह, हार्दिक, कार्तिक, अवनीश कांबोज, बिट्टू सिंह, जायर चांद मियां, चौधरी ताहिर, अयूब हसन, आमिर चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, सीएमओ बीएस सौढ़ी का कहना है कि बिस्तर की कमी के चलते कई बार तीन से चार तक रोगियों को एक ही बिस्तर पर लिटाना पड़ता है। उनकी प्राथमिकता रोगी की जान बचाने की होती है। उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। चीनी मिल संचालित कराने की मांग को लेकर किसानों का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। उधर, धरना भी 72वें दिन में पहुंच गया है। सोमवार को आमरण अनशन पर बैठे किसानों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंची टीम और जिला चिकित्सालय दोनों की सेवाएं लेने से इंकार कर दिया।
पिछले चार वर्ष से बंद पड़ी टोडरपुर मिल का संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसान 20 अक्तूबर से मिल गेट पर लगातार धरना दे रहे हैं। सोमवार को आमरण अनशन के चौथे दिन धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आमरण अनशन पर बैठे किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम प्रभारी डॉ. विकास कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में आमरण अनशन शरीर के लिए हानिकारक होता है। उधर, आमरण अनशन पर बैठे किसान पद्म प्रकाश शर्मा, बाबूराम सैनी, हाजी खुर्शीद और मोहम्मद इश्त्याक सहित अन्य का कहना है कि अब वे प्रशासन की कोई सेवा नहीं लेंगे।
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रविवार को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराए गए किसानों का ही सही उपचार नहीं किया जा रहा है। एक-एक बेड पर दो-दो किसानों को लेटाकर चिकित्सा के नाम पर औपचारिकता की जा रही है। चिकित्सालय में भर्ती किसान दर्शनलाल कांबोज, चमेल सिंह सैनी और हाजी मुकर्रम ने भी अनशन नहीं तोड़ा है। किसान वहां भी आमरण पर ही रहेंगे तथा चिकित्सालय से छुट्टी होने पर दोबारा धरना स्थल पर पहुंचकर अनशन में शामिल होंगे। लगातार पड़ रहे पाले एवं सर्दी के बावजूद प्रशासन ने आज तक अनशन पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है।
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धरना स्थल पर किसान जगपाल सिंह, रामपाल सिंह, शंभूराम, बिरमपाल कांबोज, सतीश शर्मा, बुद्ध सिंह प्रधान, रणबीर सिंह, रामपाल सिंह, इंद्राज सिंह कांबोज, चौधरी देवी सिंह, शिकलचंद, मेघराज सैनी, सोमपाल सिंह, सुरेशपाल, शोभाराम भगत, मेनपाल सिंह, रघुवीर सिंह, हार्दिक, कार्तिक, अवनीश कांबोज, बिट्टू सिंह, जायर चांद मियां, चौधरी ताहिर, अयूब हसन, आमिर चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, सीएमओ बीएस सौढ़ी का कहना है कि बिस्तर की कमी के चलते कई बार तीन से चार तक रोगियों को एक ही बिस्तर पर लिटाना पड़ता है। उनकी प्राथमिकता रोगी की जान बचाने की होती है। उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है।