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सरसावा सीएचसी पर मिली अव्यवस्था पर डीएम नाराज
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:41 AM IST
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सरसावा (सहारनपुर)। जिलाधिकारी ने सरसावा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने रिकॉर्ड चेक करने के अलावा पूरी सीएचसी को गहनता से देखा। डीएम ने जच्चा बच्चा वार्ड में महिलाओं से बात कर हकीकत जानी। उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर होने के बावजूद अनुपस्थित कर्मचारियों के विषय में डीएम ने नाराजगी जताई। जिस पर स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक के द्वारा सफाई देने में डीएम ने साक्ष्य सहित रिपोर्ट कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को डीएम आलोक कुमार पांडेय सीएचसी सरसावा का निरीक्षण करने पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डीएम ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तथा कम कर्मचारी मिलने पर नाराजगी जताई तो सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राजेश ने बताया कि कर्मचारी एमआर के टीकाकरण के लिए चिलकाना के बुड्ढाखेड़ा क्षेत्र में गए हैं। परन्तु किसी भी कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य केंद्र के मूवमेंट रजिस्टर में कोई प्रविष्टि नहीं मिली। जिलाधिकारी द्वारा इन सभी कर्मचारियों का एक दिन के वेतन एवं एक कर्मचारी के अनुपस्थित रहने पर अग्रिम आदेशों तक वेतन अदेय किए जाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कर्मचारियों के गांव में होने की रिपोर्ट साक्ष्य सहित कार्यालय में भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि जो कर्मचारी अस्पताल के कार्य से गांव देहात में है उनकी लोकेशन का रिकार्ड रखा जाए। इसके बाद डीएम ने सीएचसी के प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण करते हुए फार्मासिस्ट से दवाओं की उपलब्धता के विषय में जानकारी ली। केंद्र पर तैनात दोनों फार्मेसिस्ट को एक साथ अवकाश दिए जाने पर नाराजगी जताई। औषधि स्टॉक रूम में सफाई व्यवस्था एवं दवाइयां अव्यवस्थित मिलीं। पैथोलॉजी कक्ष में सिरिंज को रब कटर किए बिना ही डस्टबिन में डाल दिया जाना पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और केंद्र अधीक्षक से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा। उन्होंने प्रभारी चिकित्सक डॉक्टर राजेश को सचेत करते हुए कहा कि अस्पताल की ओर से महिलाओं को प्रसव संबंधी कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए साथ ही प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रोत्साहन राशि तथा पूर्ण डाइट मिलती रहे। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना, मिजिल्स रुबेला तथा सामान्य टीकाकरण के रिकॉर्ड का भी गहनता से निरीक्षण किया।
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- महिला चिकित्सक न होने पर जताई नाराजगी
सरसावा सीएचसी में महिला चिकित्सक न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। यहां पर महिला चिकित्सक के न होने से केवल स्टाफ नर्स ही प्रसव करा रही हैं। जिस कारण केस बिगड़ने की दशा में महिला की जान को खतरा हो सकता है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राजेश ने बताया कि महिला चिकित्सक नौकरी छोड़कर चली गई है तथा विभाग से नई तैनाती के विषय में मांग की गई है।
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बृहस्पतिवार को डीएम आलोक कुमार पांडेय सीएचसी सरसावा का निरीक्षण करने पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डीएम ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तथा कम कर्मचारी मिलने पर नाराजगी जताई तो सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राजेश ने बताया कि कर्मचारी एमआर के टीकाकरण के लिए चिलकाना के बुड्ढाखेड़ा क्षेत्र में गए हैं। परन्तु किसी भी कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य केंद्र के मूवमेंट रजिस्टर में कोई प्रविष्टि नहीं मिली। जिलाधिकारी द्वारा इन सभी कर्मचारियों का एक दिन के वेतन एवं एक कर्मचारी के अनुपस्थित रहने पर अग्रिम आदेशों तक वेतन अदेय किए जाने के निर्देश दिए।
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डीएम ने कर्मचारियों के गांव में होने की रिपोर्ट साक्ष्य सहित कार्यालय में भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि जो कर्मचारी अस्पताल के कार्य से गांव देहात में है उनकी लोकेशन का रिकार्ड रखा जाए। इसके बाद डीएम ने सीएचसी के प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण करते हुए फार्मासिस्ट से दवाओं की उपलब्धता के विषय में जानकारी ली। केंद्र पर तैनात दोनों फार्मेसिस्ट को एक साथ अवकाश दिए जाने पर नाराजगी जताई। औषधि स्टॉक रूम में सफाई व्यवस्था एवं दवाइयां अव्यवस्थित मिलीं। पैथोलॉजी कक्ष में सिरिंज को रब कटर किए बिना ही डस्टबिन में डाल दिया जाना पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और केंद्र अधीक्षक से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा। उन्होंने प्रभारी चिकित्सक डॉक्टर राजेश को सचेत करते हुए कहा कि अस्पताल की ओर से महिलाओं को प्रसव संबंधी कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए साथ ही प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रोत्साहन राशि तथा पूर्ण डाइट मिलती रहे। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना, मिजिल्स रुबेला तथा सामान्य टीकाकरण के रिकॉर्ड का भी गहनता से निरीक्षण किया।
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- महिला चिकित्सक न होने पर जताई नाराजगी
सरसावा सीएचसी में महिला चिकित्सक न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। यहां पर महिला चिकित्सक के न होने से केवल स्टाफ नर्स ही प्रसव करा रही हैं। जिस कारण केस बिगड़ने की दशा में महिला की जान को खतरा हो सकता है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राजेश ने बताया कि महिला चिकित्सक नौकरी छोड़कर चली गई है तथा विभाग से नई तैनाती के विषय में मांग की गई है।