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युवक को दिया नगर पालिका गंगोह का फर्जी नियुक्ति पत्र
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गंगोह (सहारनपुर)। नगर पालिका परिषद गंगोह में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर नगर पालिका में जा पहुंचा, मगर जब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो उसके होश फाख्ता हो गए। इसके बाद डरा हुआ युवक आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की बात कहकर मौके से खिसक लिया।
मंगलवार को सहारनपुर के गांव मनोहरपुर निवासी त्रिशेन पुत्र कश्मीरा नामक एक युवक नगर पालिका कार्यालय पहुंचा। ईओ की गैर मौजूदगी के कारण उसने वहां मौजूद टीसी कासिफ कुद्दुसी एवं स्टाफ सदस्यों को अधिशासी अधिकारी कृष्ण मुरारी के नाम एवं हस्ताक्षरित रिकार्डर असिस्टेंट पद पर नौकरी का नियुक्ति पत्र दिखाया। उक्त नियुक्ति पत्र के बाबत ईओ को बताया गया तो उन्होंने कोई नियुक्ति पत्र जारी करने से इंकार कर दिया। उक्त नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की जानकारी मिलते ही युवक के होश उड़ गए। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसके भाई भरत का शामली निवासी एक व्यक्ति से मेलजोल है। उक्त व्यक्ति ने ही उन्हें नगर पालिका में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। उस व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये एडवांस ले लिये थे और नौकरी लगने के बाद दो लाख रुपये देने की बात तय की थी। इतना ही नहीं बाकायदा पंजीकृत डाक द्वारा उसके पते पर नगरपालिका द्वारा जारी नियुक्ति पत्र भिजवाया गया। इसके आधार पर त्रिशेन निर्धारित तिथि 22 जनवरी को प्रमाणपत्रों के साथ नगरपालिका कार्यालय आया तो उसे सच्चाई का पता चला। इसके बाद ठगा गया बेरोजगार युवक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की बात कहता हुआ वहां से निकल गया।
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मंगलवार को सहारनपुर के गांव मनोहरपुर निवासी त्रिशेन पुत्र कश्मीरा नामक एक युवक नगर पालिका कार्यालय पहुंचा। ईओ की गैर मौजूदगी के कारण उसने वहां मौजूद टीसी कासिफ कुद्दुसी एवं स्टाफ सदस्यों को अधिशासी अधिकारी कृष्ण मुरारी के नाम एवं हस्ताक्षरित रिकार्डर असिस्टेंट पद पर नौकरी का नियुक्ति पत्र दिखाया। उक्त नियुक्ति पत्र के बाबत ईओ को बताया गया तो उन्होंने कोई नियुक्ति पत्र जारी करने से इंकार कर दिया। उक्त नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की जानकारी मिलते ही युवक के होश उड़ गए। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसके भाई भरत का शामली निवासी एक व्यक्ति से मेलजोल है। उक्त व्यक्ति ने ही उन्हें नगर पालिका में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। उस व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये एडवांस ले लिये थे और नौकरी लगने के बाद दो लाख रुपये देने की बात तय की थी। इतना ही नहीं बाकायदा पंजीकृत डाक द्वारा उसके पते पर नगरपालिका द्वारा जारी नियुक्ति पत्र भिजवाया गया। इसके आधार पर त्रिशेन निर्धारित तिथि 22 जनवरी को प्रमाणपत्रों के साथ नगरपालिका कार्यालय आया तो उसे सच्चाई का पता चला। इसके बाद ठगा गया बेरोजगार युवक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की बात कहता हुआ वहां से निकल गया।
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