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किसानों ने हाईवे पर निर्माण कार्य रुकवाया
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किसानों ने हाईवे पर निर्माण कार्य रुकवाया, वाहनों को लौटाया
सरसावा (सहारनपुर)। हाईवे किनारे सर्विस रोड और रैंप बनवाने की मांग को लेकर एक पखवाड़े से हाईवे पर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार को हाइवे अथॉरिटी के सभी वाहनों का आवागमन रोक दिया। किसानों ने कहा कि अब वह आर-पार के संघर्ष के लिए तैयार हैं। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, वह हाइवे पर काम नहीं होने देंगे।
ग्राम झबीरण के पास निर्माणधीन हाईवे पर एक पखवाड़े से धरना देर दे रहे ग्राम झबीरण के किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को सख्त रुख अपना लिया। किसानों ने हाईवे निर्माण के लिए मजदूरों एवं निर्माण सामग्री भरकर ले जा रहे सभी प्रकार के वाहनों रोककर वापस लौटने को मजबूर कर दिया। किसान मांगेराम प्रधान, आशीष चौधरी, विनय कुमार, बबलू चौधरी ने कहा कि किसानों की मांग न्यायोचित है। जब उनसे हाईवे निर्माण के लिए जमीनें ली गईं तो उस पर चलने का अधिकार भी मिलना चाहिए। किसानों ने कहा कि संविधान में भी अधिकार दिया गया है कि जिस पर एक से अधिक लोग चलते हों वह रास्ता सार्वजनिक श्रेणी में आता है तो फिर 10 गांवों के लोगों को किस आधार पर हाईवे पर चलने से रोका जा रहा है।
वाहन चालकों ने किसानों की काफी मिन्नतें कीं कि वे अधिकारियों से मिल लें। लेकिन धरनारत किसानों ने साफ कहा कि वह अब आर पार के संघर्ष के लिए तैयार हैं। इस मौके पर पिंकी चौधरी, सुधीर कुमार, दिलशाद, मुनेश, शोएब, अहकाम, इम्तियाज, गुलशेर, जुबैर, अरविंद, राजकुमार, नाजिम, चंद्रवीर, कमल, सुभाष, सतपाल सिंह, मोहकम सिंह मौजूद रहे।
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सरसावा (सहारनपुर)। हाईवे किनारे सर्विस रोड और रैंप बनवाने की मांग को लेकर एक पखवाड़े से हाईवे पर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार को हाइवे अथॉरिटी के सभी वाहनों का आवागमन रोक दिया। किसानों ने कहा कि अब वह आर-पार के संघर्ष के लिए तैयार हैं। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, वह हाइवे पर काम नहीं होने देंगे।
ग्राम झबीरण के पास निर्माणधीन हाईवे पर एक पखवाड़े से धरना देर दे रहे ग्राम झबीरण के किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को सख्त रुख अपना लिया। किसानों ने हाईवे निर्माण के लिए मजदूरों एवं निर्माण सामग्री भरकर ले जा रहे सभी प्रकार के वाहनों रोककर वापस लौटने को मजबूर कर दिया। किसान मांगेराम प्रधान, आशीष चौधरी, विनय कुमार, बबलू चौधरी ने कहा कि किसानों की मांग न्यायोचित है। जब उनसे हाईवे निर्माण के लिए जमीनें ली गईं तो उस पर चलने का अधिकार भी मिलना चाहिए। किसानों ने कहा कि संविधान में भी अधिकार दिया गया है कि जिस पर एक से अधिक लोग चलते हों वह रास्ता सार्वजनिक श्रेणी में आता है तो फिर 10 गांवों के लोगों को किस आधार पर हाईवे पर चलने से रोका जा रहा है।
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वाहन चालकों ने किसानों की काफी मिन्नतें कीं कि वे अधिकारियों से मिल लें। लेकिन धरनारत किसानों ने साफ कहा कि वह अब आर पार के संघर्ष के लिए तैयार हैं। इस मौके पर पिंकी चौधरी, सुधीर कुमार, दिलशाद, मुनेश, शोएब, अहकाम, इम्तियाज, गुलशेर, जुबैर, अरविंद, राजकुमार, नाजिम, चंद्रवीर, कमल, सुभाष, सतपाल सिंह, मोहकम सिंह मौजूद रहे।
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