फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   किसानों के पांच सौ करोड़ से अधिक दबाए बैठी हैं जिले की शुगर मिलें

किसानों के पांच सौ करोड़ से अधिक दबाए बैठी हैं जिले की शुगर मिलें

Sat, 18 Aug 2018 12:09 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
किसानों के पांच सौ करोड़ से अधिक दबाए बैठी हैं जिले की शुगर मिलें
सहारनपुर। पेराई सत्र समाप्त होने के करीब ढाई माह बाद भी किसान बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए तरस रहे हैं। जिले की छह शुगर मिलों पर किसानों का पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। बकाया भुगतान नहीं होने के चलते किसानों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। जिसके चलते किसानों में भारी रोष व्याप्त है।
विज्ञापन

गन्ना खरीद अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद बकाया पर 15 फीसदी की दर से ब्याज देने का नियम है। इसके बावजूद शुगर मिलें समय से गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतती हैं। जिले की छह शुगर मिलों पर इस समय भी किसानों को करीब 500 करोड़ रुपये बकाया हैं। हालांकि शासन ने चीनी बेचकर प्राप्त धनराशि के 85 प्रतिशत का उपयोग गन्ना मूल्य भुगतान कराने का प्रावधान किया हुआ है। साथ ही सभी शुगर मिलों के लिए महीने में चीनी बेचने का कोटा भी निर्धारित है। गांव टोली के राजेश कुमार, नन्दी फिरोजपुर के प्रदीप नंबरदार और बिड़वी के सुधीर कुमार आदि किसानों का कहना है कि पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को बकाया गन्ना मूल्य के साथ ही बकाया पर ब्याज का भी भुगतान कराना चाहिए। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि शुगर मिलों पर बकाया भुगतान कराने के लिए लगातार दबाव बनाया हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाएगा। पिछड़ने वाली मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed