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पुलिस हर गांव में बनाएगी दस मित्र
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:09 AM IST
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सहारनपुर। पुलिस छोटे झगड़ों के निस्तारण और सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के लिए हर गांव में दस संभ्रांत मित्र बनाएगी। मुजफ्फरनगर में पुलिस का एस-टेन का यह फार्मूला कारगर होने के बाद पुलिस महानिदेशक ने इस प्लान को पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। पुलिस के इन मित्रों को किसी तरह का परिचय पत्र तो जारी नहीं होगा, लेकिन सर्किल के पुलिस उपाधीक्षक सत्यापन के बाद उनकी सूची जारी करेंगे।
मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने हर गांव में दस संभ्रात मित्र बनाने की कार्ययोजना लागू की थी, जिसके सुखद परिणाम सामने आए है। प्रधान और उप प्रधान के अलावा आठ ऐसे सदस्य बनाए गए, जो सामाजिक पकड़ रखने के साथ पुलिस की मदद करने की सोच रखते हैं। इन मित्रों की मदद से पुलिस गांव में होने वाले छोटे विवादों और मारपीट में सुलह कराने में कामयाब रही है। पुलिस महानिदेशक ने मुजफ्फरनगर की इस कार्ययोजना का संज्ञान लेकर पूरे प्रदेश में उसे लागू करने के निर्देश दिए है। प्रत्येक गांव का दारोगा इन सदस्यों को व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर उनसे संवाद कायम करेगा। सप्ताह में एक बार सीओ भी इनमें से किसी सदस्य से जरूर बात करेगा। साथ ही अपराध उन्मूलन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाने में योगदान देने वाले संभ्रात मित्रों को सम्मानित भी किया जाए, ताकि उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके।
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मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने हर गांव में दस संभ्रात मित्र बनाने की कार्ययोजना लागू की थी, जिसके सुखद परिणाम सामने आए है। प्रधान और उप प्रधान के अलावा आठ ऐसे सदस्य बनाए गए, जो सामाजिक पकड़ रखने के साथ पुलिस की मदद करने की सोच रखते हैं। इन मित्रों की मदद से पुलिस गांव में होने वाले छोटे विवादों और मारपीट में सुलह कराने में कामयाब रही है। पुलिस महानिदेशक ने मुजफ्फरनगर की इस कार्ययोजना का संज्ञान लेकर पूरे प्रदेश में उसे लागू करने के निर्देश दिए है। प्रत्येक गांव का दारोगा इन सदस्यों को व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर उनसे संवाद कायम करेगा। सप्ताह में एक बार सीओ भी इनमें से किसी सदस्य से जरूर बात करेगा। साथ ही अपराध उन्मूलन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाने में योगदान देने वाले संभ्रात मित्रों को सम्मानित भी किया जाए, ताकि उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके।
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