{"_id":"5a720f624f1c1ba1268b79bb","slug":"111517424482-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीएम एफ ने कसे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडीएम एफ ने कसे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पेंच
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। ढमोला नदी क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित करने में सहयोग नहीं करने से नाराज अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने अधिशासी अभियंता सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंच कसे। उन्होंने कहा कि ढमोला की भूमि के सत्यापन में जिलाधिकारी द्वारा दी गए जिम्मेदारी का सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरे मन से सहयोग करें। बाद में डीएम पीके पांडे ने भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए गए कार्यों को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना था कि राजस्व विभाग के अवैध कब्जों की लिस्ट बनानी चाहिए क्योंकि उनके पास ही सारा रिकार्ड होता है।
बुधवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछा कि उनकी ओर से ढमोला नदी के अतिक्रमण वाले क्षेत्र के सत्यापन में सहयोग क्यों नहीं हो रहा है। इस पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राधेश्याम प्रसाद का कहना था कि उनका विभाग केवल सहयोगी है, जबकि पूरा कार्य राजस्व विभाग का है। क्योंकि राजस्व विभाग के पास ही भूमि का रिकार्ड होता है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा मंगलवार को ढमोला अतिक्रमण सत्यापन की लिस्ट मांगने पर सिंचाई विभाग के सींचपाल संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर एडीएम एफ ने स्पष्ट किया कि डीएम ने ढमोला अतिक्रमण सत्यापन के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें अपनी जिम्मेदारी मुस्तैदी से निभानी होगी। इसके बाद वे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर डीएम के पास पहुंचे। डीएम ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण सत्यापन में कोताही ना बरती जाए। इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर संगीता आदि रहे।
विज्ञापन
बुधवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछा कि उनकी ओर से ढमोला नदी के अतिक्रमण वाले क्षेत्र के सत्यापन में सहयोग क्यों नहीं हो रहा है। इस पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राधेश्याम प्रसाद का कहना था कि उनका विभाग केवल सहयोगी है, जबकि पूरा कार्य राजस्व विभाग का है। क्योंकि राजस्व विभाग के पास ही भूमि का रिकार्ड होता है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा मंगलवार को ढमोला अतिक्रमण सत्यापन की लिस्ट मांगने पर सिंचाई विभाग के सींचपाल संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर एडीएम एफ ने स्पष्ट किया कि डीएम ने ढमोला अतिक्रमण सत्यापन के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें अपनी जिम्मेदारी मुस्तैदी से निभानी होगी। इसके बाद वे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर डीएम के पास पहुंचे। डीएम ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण सत्यापन में कोताही ना बरती जाए। इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर संगीता आदि रहे।
विज्ञापन