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बिजली दरों के खिलाफ भाकियू ने दिया ब्लाक मुख्यालय पर धरना
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:18 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। बिजली की बढ़ी हुई दरों के विरोध में मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने ब्लाक साढ़ौली कदीम कार्यालय परिसर में धरना दिया और खंड विकास अधिकारी की मार्फत मुख्यमंत्री को चार सूत्रीय ज्ञापन भेजा।
धरने को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष घनश्याम राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली की दरों में वृद्धि कर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। बिजली की दर मंहगी होने से किसान अपने निजी नलकूपों से सिंचाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है, जिससे खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही है। मंडल सचिव सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में किसानों के साथ छल किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी सूरत में दस रुपये की बढ़ोतरी स्वीकार नहीं करेगा। धरना प्रदर्शन के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। इस चार सूत्रीय ज्ञापन में बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लिए जाने, कर्ज माफी की अवधि 31 मार्च 2017 किए जाने, गन्ने का समर्थन मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल किए जाने, गन्ने का बकाया भुगतान ब्याज सहित कराए जाने, खारा कैनाल से निकले टांड़ा एवं कासमपुर रजबाहे की सफाई कराए जाने की मांग की।
धरना प्रदर्शन में चौधरी मुकीम अहमद, चौधरी शकील अहमद, अनुज कुमार, मोहम्मद जुल्फान, फैजान प्रधान, आलिम प्रधान, रागिब, कामिल आदि शामिल रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष घनश्याम राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली की दरों में वृद्धि कर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। बिजली की दर मंहगी होने से किसान अपने निजी नलकूपों से सिंचाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है, जिससे खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही है। मंडल सचिव सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में किसानों के साथ छल किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी सूरत में दस रुपये की बढ़ोतरी स्वीकार नहीं करेगा। धरना प्रदर्शन के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। इस चार सूत्रीय ज्ञापन में बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लिए जाने, कर्ज माफी की अवधि 31 मार्च 2017 किए जाने, गन्ने का समर्थन मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति कुंतल किए जाने, गन्ने का बकाया भुगतान ब्याज सहित कराए जाने, खारा कैनाल से निकले टांड़ा एवं कासमपुर रजबाहे की सफाई कराए जाने की मांग की।
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धरना प्रदर्शन में चौधरी मुकीम अहमद, चौधरी शकील अहमद, अनुज कुमार, मोहम्मद जुल्फान, फैजान प्रधान, आलिम प्रधान, रागिब, कामिल आदि शामिल रहे।