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सुनील सत्यम को मिला नेशनल ग्रीन अवार्ड
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:02 AM IST
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सहारनपुर। राज्य जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर सुनील सत्यम को पर्यावरण एवं समाज सेवा के लिए एनवायरमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट एसोसियेशन द्वारा नेशनल ग्रीन अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के मावलंकर सभागार में आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में असिस्टेंट कमिश्नर को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सुनील सत्यम ने पर्यावरण एवं तालाबों के अतिक्रमण से संबंधित अपने विषय पर बोलते हुए उन्होंने पौधरोपण की महत्ता को बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य चाहे किसी भी धर्म का अनुयायी हो अंतिम संस्कार के लिए सभी धर्मों में लकड़ी की आवश्यकता होती है। इसलिए सभी को जीवन में पौधरोपण जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम ने ही ग्रामीण तालाबों के विनाश की पटकथा लिख दी थी। ग्राम घटिया राजनीति का अखाड़ा बन गए और दबंगों ने वोट के लालच में तालाबों के अतिक्रमण को प्रश्रय दिया। उन्होंने कहा कि तालाबों पर अवैध कब्जे के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और लेखपाल की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई होनी चाहिए।
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नई दिल्ली के मावलंकर सभागार में आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में असिस्टेंट कमिश्नर को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सुनील सत्यम ने पर्यावरण एवं तालाबों के अतिक्रमण से संबंधित अपने विषय पर बोलते हुए उन्होंने पौधरोपण की महत्ता को बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य चाहे किसी भी धर्म का अनुयायी हो अंतिम संस्कार के लिए सभी धर्मों में लकड़ी की आवश्यकता होती है। इसलिए सभी को जीवन में पौधरोपण जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम ने ही ग्रामीण तालाबों के विनाश की पटकथा लिख दी थी। ग्राम घटिया राजनीति का अखाड़ा बन गए और दबंगों ने वोट के लालच में तालाबों के अतिक्रमण को प्रश्रय दिया। उन्होंने कहा कि तालाबों पर अवैध कब्जे के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और लेखपाल की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई होनी चाहिए।
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