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छल कपट त्यागकर सरल जीवन जीना ही उतम आर्जव धर्म : शास्त्री
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:33 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री जैन मंदिर में पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व में तीसरे दिन विनय जैन शास्त्री ने श्रद्धालुओं को उत्तम आर्जव धर्म का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि अपने भीतर से छल कपट को त्यागकर सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म है।
सोमवार को भगवान श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाडा, मंदिर जी बाहरा, पंचायती मंदिर नेचलगढ़ एवं भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर कानूनगोयान में उत्तम आर्जव धर्म की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर मंदिरों में श्रीजी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन किया गया। भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में श्री इंद्रध्वज विधान में विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्यासागर जी महाराज के शिष्य विनय जैन शास्त्री जी ने बताया कि जब तक मनुष्य अपने भीतर से छल कपट और मायाचारी को त्यागकर सादगी भरा जीवन व्यतीत नहीं करेगा तब तक वह उलझनों में ही उलझा रहेगा। उन्होंने बताया कि जब हमारे भीतर कठोरता का वास होता है तो आस-पास का परिवेश भी दूषित हो जाता है। शास्त्री ने श्रद्धालुओं को ईमानदारी, सरलता, सादगी और मन को कोमल रखने की शिक्षा दी। इससे पूर्व रविवार की रात्रि में श्री दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में महा आरती उपरांत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम तंबोला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुकेश जैन, श्रीचंद जैन, सुरभि जैन, स्नेहा जैन, पूनम जैन, पायल जैन, डोली जैन, महेश चंद जैन, सुरेश जैन, रविन्द्र जैन, मोनिका जैन, अनिल जैन, चंदन बाला जैन, अंकित जैन, संजीव जिंदल, सरिता जैन, मोना जैन, आयुषी जैन, अतुल जैन, आशीष जैन, अशोक जैन, राज जैन, आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को भगवान श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाडा, मंदिर जी बाहरा, पंचायती मंदिर नेचलगढ़ एवं भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर कानूनगोयान में उत्तम आर्जव धर्म की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर मंदिरों में श्रीजी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन किया गया। भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में श्री इंद्रध्वज विधान में विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्यासागर जी महाराज के शिष्य विनय जैन शास्त्री जी ने बताया कि जब तक मनुष्य अपने भीतर से छल कपट और मायाचारी को त्यागकर सादगी भरा जीवन व्यतीत नहीं करेगा तब तक वह उलझनों में ही उलझा रहेगा। उन्होंने बताया कि जब हमारे भीतर कठोरता का वास होता है तो आस-पास का परिवेश भी दूषित हो जाता है। शास्त्री ने श्रद्धालुओं को ईमानदारी, सरलता, सादगी और मन को कोमल रखने की शिक्षा दी। इससे पूर्व रविवार की रात्रि में श्री दिगंबर जैन मंदिर बाहरा में महा आरती उपरांत धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम तंबोला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुकेश जैन, श्रीचंद जैन, सुरभि जैन, स्नेहा जैन, पूनम जैन, पायल जैन, डोली जैन, महेश चंद जैन, सुरेश जैन, रविन्द्र जैन, मोनिका जैन, अनिल जैन, चंदन बाला जैन, अंकित जैन, संजीव जिंदल, सरिता जैन, मोना जैन, आयुषी जैन, अतुल जैन, आशीष जैन, अशोक जैन, राज जैन, आदि मौजूद रहे।
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