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कोरोना काल में खतरे में 1087 बच्चों की जान

Tue, 03 Nov 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2020 12:03 AM IST
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1087 children in danger in Corona period
सहारनपुर। राष्ट्रीय सुपोषण माह के बाद हुए सर्वे में 1087 बच्चे अत्यंत गंभीर कुपोषित मिले हैं। इन बच्चों को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार की आवश्यकता है। इनके लिए सरकारी अस्पतालों में बेड भी आरक्षित हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से परिजन इलाज नहीं करा रहे हैं।
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सितंबर माह में राष्ट्रीय सुपोषण माह चला था। इसके बाद हुए सर्वे में सैम श्रेणी यानी अत्यंत गंभीर कुपोषित 1210 बच्चे सामने आए थे। बाल एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बच्चों का इलाज कराने को अभिभावकों को जागरूक किया गया, लेकिन ज्यादातर बच्चों के परिजनों ने कोरोना संक्रमण के डर से बच्चों को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। इनमें से 123 बच्चों का अभिभावकों ने उपचार कराया तो वह ठीक होकर सैम श्रेणी से बाहर आ गए, लेकिन 1087 बच्चे अभी खतरे में हैं।
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परिजनों को किया जा रहा जागरूक: आशा
सहारनपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों के इलाज के लिए परिजनों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से परिजन बच्चों को अस्पताल में भर्ती नहीं करा रहे हैं। अत्यंत गंभीर कुपोषित बच्चों को तत्काल प्रभाव से उपचार की आवश्यकता है। विभाग का प्रयास है कि जल्द इन बच्चों का इलाज कराकर सैम श्रेणी से बाहर लाया जाए। इलाज के लिए बच्चों के परिजनों से भी अनुरोध किया जा रहा है।
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वर्ष-- कुपोषित ------- अति कुपोषित---- अत्यंत गंभीर कुपोषित
2017------ 52410 ---------18105--------775
2018------ 41869----------12547--------1010
2019------ 33825-----------6910-------- 918
2020------ 23555 ----------4998--------1087
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