{"_id":"59c803d64f1c1b2e688b6681","slug":"101506280406-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहिंग्या मुसलमानों के मसले पर भेदभाव ना करे सरकार: वजदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहिंग्या मुसलमानों के मसले पर भेदभाव ना करे सरकार: वजदी
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहिंग्या मुसलमानों के मसले पर भेदभाव ना करे सरकार: वजदी
सहारनपुर। अमीर वहदत-ए-इस्लामी हिंद एवं मुत्ताहिद मजलिस-ए-अमल के संरक्षक मौलाना अताउर्रहमान वजदी ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के मसले में केंद्र सरकार भेदभाव ना करे। इस मामले को सियासी चश्मे से ना देखकर इंसानियत के तौर पर देखा जाए। पीड़ित रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
अंबाला रोड स्थित सभागार में पत्रकार वार्ता में मौलाना अताउर्रमान वजदी ने बताया कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को पर अत्याचार किया गया। इन लोगों को जोर जबरदस्ती घरों से निकाल दिया गया और नरसंहार किया गया। भारी संख्या में रोहिंग्या मुसलमान भारत में शरण लिए हैं। मगर सरकार इस मसले पर भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रही और सियासी चश्मे देख रही है, जो इंसानियत के लिहाज से गलत है। रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से निकालने की बात कही जा रही है। भारत में रोहिंग्या मुसलमानों के अलावा अन्य देशों के लोग भी निवास करते हैं। जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार उठाती है। उन्होंने मांग की कि रोहिंग्या मुसलमानों को भी सुरक्षा दी जाए और जब तक म्यांमार के हालात सामान्य नहीं होते हैं। तब तक इन्हें हिंदुस्तान में ही रहने दिया जाए। हिंदुस्तान किसी एक धर्म का मुल्क नहीं है। यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई निवास करते हैं। इस देश में सभी बराबरी के हकदार हैं। इसलिए सरकार को दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए। इसी संबंध में 26 सितंबर को चिलकाना रोड स्थित हलालपुर में अमन-ए-आलम कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान मुफ्ती शरीफ अहमद खान, कारी सईद अहमद, मौलाना ताहिर शैखुल हदीस खानकाह, मौलाना अख्तर रीढी, मौलाना अब्दुर्रशीद, मौलाना जहूर अहमद कासमी, मौलाना निसाह अहमद, शाहिदी मजाहिरी, साजिद हसन, यामीन पंडौली, हाजी इरफान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। अमीर वहदत-ए-इस्लामी हिंद एवं मुत्ताहिद मजलिस-ए-अमल के संरक्षक मौलाना अताउर्रहमान वजदी ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के मसले में केंद्र सरकार भेदभाव ना करे। इस मामले को सियासी चश्मे से ना देखकर इंसानियत के तौर पर देखा जाए। पीड़ित रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
अंबाला रोड स्थित सभागार में पत्रकार वार्ता में मौलाना अताउर्रमान वजदी ने बताया कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को पर अत्याचार किया गया। इन लोगों को जोर जबरदस्ती घरों से निकाल दिया गया और नरसंहार किया गया। भारी संख्या में रोहिंग्या मुसलमान भारत में शरण लिए हैं। मगर सरकार इस मसले पर भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रही और सियासी चश्मे देख रही है, जो इंसानियत के लिहाज से गलत है। रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से निकालने की बात कही जा रही है। भारत में रोहिंग्या मुसलमानों के अलावा अन्य देशों के लोग भी निवास करते हैं। जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार उठाती है। उन्होंने मांग की कि रोहिंग्या मुसलमानों को भी सुरक्षा दी जाए और जब तक म्यांमार के हालात सामान्य नहीं होते हैं। तब तक इन्हें हिंदुस्तान में ही रहने दिया जाए। हिंदुस्तान किसी एक धर्म का मुल्क नहीं है। यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई निवास करते हैं। इस देश में सभी बराबरी के हकदार हैं। इसलिए सरकार को दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए। इसी संबंध में 26 सितंबर को चिलकाना रोड स्थित हलालपुर में अमन-ए-आलम कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
इस दौरान मुफ्ती शरीफ अहमद खान, कारी सईद अहमद, मौलाना ताहिर शैखुल हदीस खानकाह, मौलाना अख्तर रीढी, मौलाना अब्दुर्रशीद, मौलाना जहूर अहमद कासमी, मौलाना निसाह अहमद, शाहिदी मजाहिरी, साजिद हसन, यामीन पंडौली, हाजी इरफान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन