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हीमोडायलेसिस यूनिट में बेड फुल, लौट रहे मरीज

Wed, 30 Aug 2017 12:45 AM IST
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:45 AM IST
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हीमोडायलेसिस यूनिट में बेड फुल, लौट रहे मरीज
सहारनपुर। किडनी के मरीजों की डायलेसिस के लिए जिला अस्पताल में स्थापित की गई हीमोडायलेसिस यूनिट बेशक सरकार का सराहनीय कदम है, लेकिन यहां हेपेटाइटिस सी के पॉजिटिव मरीजों के लिए मात्र एक बेड की व्यवस्था है। जिससे इसके मरीजों को काफी परेशान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बड़ी संख्या में मरीज बाहर से ही लौट रहे हैं।
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जिला अस्पताल में स्थापित की गई हीमोडायलेसिस यूनिट का उद्घाटन 19 अगस्त 2017 को राज्य मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी ने किया था। यूनिट में दस मरीजों को एक साथ इलाज दिया जा सकता है। यूनिट में हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव के लिए एक बेड की व्यवस्था की गई है, जबकि निगेटिव के लिए नौ बेड रखे गए हैं। डायलेसिस के लिए तमाम अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। किडनी की महंगी जांच भी यहां पूरी तरह फ्री हैं। वर्तमान में पांच मरीजों का डायलेसिस यूनिट में किया जा रहा है। मगर गंभीर बात यह है कि हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव के लिए केवल एक बेड की व्यवस्था होने के कारण मरीज काफी परेशान हैं। 19 अगस्त से अभी तक करीब 30 मरीज हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव के पहुंचे हैं। चूंकि पॉजिटिव के नौ मरीज पहले से रजिस्टर में दर्ज हैं, जिनका नंबर पहले लगना है। ऐसे में बाकी के मरीज बाहर से ही लौट रहे हैं। इसके अलावा हेपेटाइटिस सी निगेटिव के चार मरीज भर्ती हैं, जबकि पांच बेड खाली पड़े हैं। बताया गया है कि ज्यादा मरीज पॉजिटिव के पहुंच रहे हैं, जिसके लिए मात्र एक ही बेड की व्यवस्था है। यूनिट में कुल दस मरीजों के इलाज के लिए एक चिकित्सक, चार टेक्नीशियन और चार ही नर्सिंग असिस्टेंट तैनात किए गए हैं। भविष्य में जैसे-जैसे यूनिट का विस्तार होगा उसके हिसाब से स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा। डॉ. सतीश ने बताया कि वर्तमान में यूनिट में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं।
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इलाज के लिए यह है प्रक्रिया
हीमोडायलेसिस यूनिट में यदि किसी मरीज को इलाज कराना है तो उसे पहले पर्ची बनवाकर ओपीडी में चिकित्सक को दिखाना होगा। तमाम जांच के बाद यदि चिकित्सकों को लगता है कि मरीज को डायलेसिस की जरूरत है तो वह यूनिट के लिए रेफर करते हैं। इसके बाद मरीज को यूनिट में भर्ती किया जाता है। इसके अलावा किडनी के मरीज सीधे भी यूनिट में पहुंच सकते हैं। मगर इसके बाद यूनिट का स्टाफ जिला अस्पताल की पूूरी प्रक्रिया कराकर मरीज को भर्ती करता है।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ले सकते हैं सलाह
हीमोडायलेसिस यूनिट में वीडियो क्रांफ्रेंसिंग की भी व्यवस्था की गई है। यूनिट के स्टाफ को यदि किसी मरीज के इलाज में कोई समस्या आ रही है तो वह वीडियो कॉलिंग के जरिए लखनऊ या बनारस में तैनात नेफ्रोलॉजिस्ट से डिस्कस कर मरीज को बेहतर इलाज मुहैया करा सकते हैं।

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हीमोडायलेसिस यूनिट में पॉजिटिव मरीजों के लिए केवल एक बेड है। ऐसे में बाकी मरीजों को लौटना पड़ रहा है। हमने इसे गंभीरता से लिया है। शासन से पॉजिटिव मरीजों के लिए बेड बढ़ाने की मांग की गई है।
डॉ. सत्य सिंह, सीएमएस।
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