{"_id":"599c7ec34f1c1b117f8b47cf","slug":"101503428291-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"369 करोड़ से अधिक दबाए बैठी मंडल की चीनी मिलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
369 करोड़ से अधिक दबाए बैठी मंडल की चीनी मिलें
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
369 करोड़ से अधिक दबाए बैठी मंडल की चीनी मिलें
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के मामले में गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा की पीठ थपथपा गए हों। लेकिन किसान अभी भी बकाया भुगतान के लिए तरस रहे हैं। चीनी मिलें मंडल के किसानों के करीब 369 करोड़ रुपये अब भी दबाए बैठीं हैं।
प्रदेश सरकार की पूरी जद्दोजहद के बावजूद बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान नहीं हो सका है। समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराना हमेशा से ही प्रदेश सरकार के चुनौती रहा है। सरकार और गन्ना विभाग की तमाम कवायद के बाद भी किसानों को समय से गन्ना मूल्य नहीं मिल पाता। इसीलिए गन्ना खरीद कानून में बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान होने की उम्मीद जगी थी। इसके लिए सरकार और विभाग की ओर से कोशिशें भी की गई। इसके बावजूद करोड़ों का भुगतान अटका हुआ है।
बता दें कि मंडल में सहारनपुर जिले की निजी मिलों पर 36.56 करोड़, मुजफ्फरनगर की मिलों पर 131.17 करोड और शामली की मिलों पर 133.13 करोड और सहारनपुर की सहकारी दो सहकारी चीनी मिलों पर 68.36 करोड रुपये अभी भी बकाया है। गन्ना विभाग के उप आयुक्त सत्येंद्र सिंह ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए शुगर मिलों पर दबाव दिया जा रहा है। जल्द ही पूरा बकाया भुगतान होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के मामले में गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा की पीठ थपथपा गए हों। लेकिन किसान अभी भी बकाया भुगतान के लिए तरस रहे हैं। चीनी मिलें मंडल के किसानों के करीब 369 करोड़ रुपये अब भी दबाए बैठीं हैं।
प्रदेश सरकार की पूरी जद्दोजहद के बावजूद बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान नहीं हो सका है। समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराना हमेशा से ही प्रदेश सरकार के चुनौती रहा है। सरकार और गन्ना विभाग की तमाम कवायद के बाद भी किसानों को समय से गन्ना मूल्य नहीं मिल पाता। इसीलिए गन्ना खरीद कानून में बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान होने की उम्मीद जगी थी। इसके लिए सरकार और विभाग की ओर से कोशिशें भी की गई। इसके बावजूद करोड़ों का भुगतान अटका हुआ है।
विज्ञापन
बता दें कि मंडल में सहारनपुर जिले की निजी मिलों पर 36.56 करोड़, मुजफ्फरनगर की मिलों पर 131.17 करोड और शामली की मिलों पर 133.13 करोड और सहारनपुर की सहकारी दो सहकारी चीनी मिलों पर 68.36 करोड रुपये अभी भी बकाया है। गन्ना विभाग के उप आयुक्त सत्येंद्र सिंह ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए शुगर मिलों पर दबाव दिया जा रहा है। जल्द ही पूरा बकाया भुगतान होने की उम्मीद है।
विज्ञापन