{"_id":"596914e94f1c1b8c6a8b478f","slug":"101500058857-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू करने की मांग
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। ईंट भटट्ठों पर जीएसटी के तहत समाधान योजना लागू करने तथा पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र की बाध्यता समाप्त करने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। जिला सहारनपुर ब्रिक्स एंड टाइल्स निर्माता समिति पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
महामंत्री दीपक गर्ग ने बताया कि ईंट भट्ठों पर बिक्री कर/व्यापार कर समाधान योजना सीजन वर्ष 1988-89 से 2016-17 तक लगातार सफलतापूर्वक प्रभावी है। योजना स्वीकार करने वाली भट्ठा इकाई की संख्या के अनुसार निर्धारित समाधान कर राशि योजना के अंतर्गत निर्देशों के अधीन जमा कराती ही है। वर्ष 2008 में मूल्य संवर्धित कर प्रणाली लागू होने पर शुरू में विभाग द्वारा ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू नहीं की गई। इससे सरकार को ईंट भट्ठा से प्राप्त होने वाला राजस्व आधा हो गया। वर्ष 2009 में उत्पन्न परिस्थितियों में समिति के आग्रह पर विचार विमर्श के बाद सरकार ने वैट प्रणाली लागू होने के वर्ष 2008 से पुन: निर्धारण आदेेशों से सृजित मांग/जमा कर/ अपीलीय वादों को समायोजित किया गया। ऑनलाइन प्रतिमाह और वार्षिक रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भट्ठा स्वामियों के लिए अव्यवहारिक बताया। जीएसटी के तहत समाधान योजना लागू करने तथा केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना में निहित प्रावधान के तहत ईंट भट्ठों को पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र की बाध्यता से मुक्त रखने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। डीएम से मिलने वालों में अध्यक्ष चौधरी बख्तावर सिंह, कोषाध्यक्ष राजकुमार मित्तल भी शमिल रहे।
विज्ञापन
महामंत्री दीपक गर्ग ने बताया कि ईंट भट्ठों पर बिक्री कर/व्यापार कर समाधान योजना सीजन वर्ष 1988-89 से 2016-17 तक लगातार सफलतापूर्वक प्रभावी है। योजना स्वीकार करने वाली भट्ठा इकाई की संख्या के अनुसार निर्धारित समाधान कर राशि योजना के अंतर्गत निर्देशों के अधीन जमा कराती ही है। वर्ष 2008 में मूल्य संवर्धित कर प्रणाली लागू होने पर शुरू में विभाग द्वारा ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू नहीं की गई। इससे सरकार को ईंट भट्ठा से प्राप्त होने वाला राजस्व आधा हो गया। वर्ष 2009 में उत्पन्न परिस्थितियों में समिति के आग्रह पर विचार विमर्श के बाद सरकार ने वैट प्रणाली लागू होने के वर्ष 2008 से पुन: निर्धारण आदेेशों से सृजित मांग/जमा कर/ अपीलीय वादों को समायोजित किया गया। ऑनलाइन प्रतिमाह और वार्षिक रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भट्ठा स्वामियों के लिए अव्यवहारिक बताया। जीएसटी के तहत समाधान योजना लागू करने तथा केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना में निहित प्रावधान के तहत ईंट भट्ठों को पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र की बाध्यता से मुक्त रखने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। डीएम से मिलने वालों में अध्यक्ष चौधरी बख्तावर सिंह, कोषाध्यक्ष राजकुमार मित्तल भी शमिल रहे।
विज्ञापन