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मलेरिया की रोकथाम के लिए फागिंग के निर्देश
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:55 AM IST
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मलेरिया की रोकथाम के लिए फागिंग के निर्देश
नकुड़ (सहारनपुर)। क्षेत्र में मलेरिया व अन्य जानलेवा बुखार की रोकथाम के लिए आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न जानकारियां दीं तथा नगर व देहात में मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बीएस सोढ़ी ने कहा कि बीमारियों की रोकथाम के लिए उनके बारे में पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। इसीलिए लोगों को अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करके उन्हें जानलेवा बुखार व अन्य बीमारियों से बचाया जा सकता है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवंका गौड़ ने बताया कि अगर बुखार से बचाव के बारे में जानकारी हो बुखार के जानलेवा होने से बचा जा सकता है। उन्होंने मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि जानलेवा बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सीएचसी या पीएचसी में उपचार कराने की सलाह भी दी। सीएचसी प्रभारी डा. रोहित वालिया ने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को गांव-गांव जाकर जानलेवा बुखार से बचाव के बारे में जागरूक करने की अपील की। इस दौरान डा. शमशेर आलम, अब्दुल हमीद, कमल सोनी, श्रद्धानंद के अलावा समस्त एएनएम व आशाएं मौजूद रही।
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नकुड़ (सहारनपुर)। क्षेत्र में मलेरिया व अन्य जानलेवा बुखार की रोकथाम के लिए आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न जानकारियां दीं तथा नगर व देहात में मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बीएस सोढ़ी ने कहा कि बीमारियों की रोकथाम के लिए उनके बारे में पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। इसीलिए लोगों को अधिक से अधिक जानकारी प्रदान करके उन्हें जानलेवा बुखार व अन्य बीमारियों से बचाया जा सकता है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवंका गौड़ ने बताया कि अगर बुखार से बचाव के बारे में जानकारी हो बुखार के जानलेवा होने से बचा जा सकता है। उन्होंने मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि जानलेवा बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सीएचसी या पीएचसी में उपचार कराने की सलाह भी दी। सीएचसी प्रभारी डा. रोहित वालिया ने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को गांव-गांव जाकर जानलेवा बुखार से बचाव के बारे में जागरूक करने की अपील की। इस दौरान डा. शमशेर आलम, अब्दुल हमीद, कमल सोनी, श्रद्धानंद के अलावा समस्त एएनएम व आशाएं मौजूद रही।
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