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11वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं 1.43 लाख किसान
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के बावजूद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले जनपद के 1.43 लाख इस योजना की 11वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं। सरकार ने इसके लिए 31 मई तक का समय निर्धारित किया है। फिलहाल जिले के 2.98 लाख किसान किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं।
भारत सरकार की ओर से किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में दिए जाते हैं। इन्हें दो- दो हजार रुपये की तीन किस्तों में दिया जाता है। जनपद में फिलहाल 2,98,769 किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से समय समय पर परिवर्तन किए जाते रहे हैं। सम्मान निधि योजना में गड़बड़ी को दूर करने के लिए सरकार लाभार्थी किसानों के खातों की ई-केवाईसी करा रही है। जिससे सिर्फ पात्र किसानों को ही सम्मान निधि का लाभ मिल सके। सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। इस योजना के सत्यापन के लिए केंद्र सरकार ने ई-केवाईसी नाम से एक पोर्टल बना रखा है। जनपद के 1.43 लाख किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। इससे वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं।
ऐसे कराएं ई-केवाईसी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों को ई-केवाईसी कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान निधि पोर्टल का प्रयोग करना होगा। पोर्टल पर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना होगा। जिस पर संबंधित किसान का आधार कार्ड नंबर मांगा जाएगा। इसे भरने के बाद आधार कार्ड से जुडे़ हुए किसान के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। पोर्टल पर ओटीपी भरकर सबमिट होगा। इस प्रकार ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लेने वाले सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जनपद के सम्मान निधि लेने वाले 2,98,769 किसानों में से 1.43 लाख किसानों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं करायी है। इसकी अंतिम तारीख 31 मई है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।
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भारत सरकार की ओर से किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में दिए जाते हैं। इन्हें दो- दो हजार रुपये की तीन किस्तों में दिया जाता है। जनपद में फिलहाल 2,98,769 किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से समय समय पर परिवर्तन किए जाते रहे हैं। सम्मान निधि योजना में गड़बड़ी को दूर करने के लिए सरकार लाभार्थी किसानों के खातों की ई-केवाईसी करा रही है। जिससे सिर्फ पात्र किसानों को ही सम्मान निधि का लाभ मिल सके। सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। इस योजना के सत्यापन के लिए केंद्र सरकार ने ई-केवाईसी नाम से एक पोर्टल बना रखा है। जनपद के 1.43 लाख किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। इससे वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं।
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ऐसे कराएं ई-केवाईसी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों को ई-केवाईसी कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान निधि पोर्टल का प्रयोग करना होगा। पोर्टल पर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना होगा। जिस पर संबंधित किसान का आधार कार्ड नंबर मांगा जाएगा। इसे भरने के बाद आधार कार्ड से जुडे़ हुए किसान के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। पोर्टल पर ओटीपी भरकर सबमिट होगा। इस प्रकार ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लेने वाले सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जनपद के सम्मान निधि लेने वाले 2,98,769 किसानों में से 1.43 लाख किसानों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं करायी है। इसकी अंतिम तारीख 31 मई है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।