रामपुर। यतीमखाना प्रकरण के एक मुकदमे में शुक्रवार को वादी की गवाही हुई। बचाव पक्ष की ओर से गवाह से जिरह की गई। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।
2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस मामले में भैेंस और बकरी चोरी के भी आरोप हैं।हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। कोर्ट ने 11 मार्च को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थ। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। शुक्रवार को एक मुकदमे के वादी ना सिर अली ने कोर्ट में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह से जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।