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आरटीपीसीआर लैब में रिक्त पदों पर जल्द होगी कर्मियों की तैनाती
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रामपुर। जिला अस्पताल में बनाई गई बीएसएल टू प्रयोगशाला में कोविड-19 की आरटीपीसीआर लैब में एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट और एक लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त है। जिन पर अभी किसी की तैनाती नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब इसको लेकर तैयारी शुरूकर दी है। इसके बाद जल्दी ही इन रिक्त पदों पर कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जिले में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत न हो, इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। इसको लेकर ही सरकार की मंशा के अनुरूप जिला चिकित्सालय में बीएसएल-टू लैब बनाई गई, ताकि समय से संक्रमण का पता चलने पर उसके फैलाव को रोका जा सके। लैब संचालन के लिए दो नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन एवं एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती होनी थी, लेकिन कोरोना के नए वैरिएंट के विदेशों में हलचल मचाने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रयोगशाला में दो दिसंबर को जांच शुरू कर दी गई। फिर सिर्फ एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, दो लैब टेक्नीशियन और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर के भरोसे ही लैब संचालित हो रही है। ऐसे में दिक्कत तब आएगी, जब एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट कहीं चला जाए। तब जांच के लिए कोई सैंपल लगाने वाला नहीं होगा। लिहाजा, लैब के नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लैब में रिक्त पदों को भरने की मांग की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने अब इसको लेकर तैयारी शुरु कर दी है। जिसके बाद जल्दी ही इन रिक्त पदों पर कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जिले में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत न हो, इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। इसको लेकर ही सरकार की मंशा के अनुरूप जिला चिकित्सालय में बीएसएल-टू लैब बनाई गई, ताकि समय से संक्रमण का पता चलने पर उसके फैलाव को रोका जा सके। लैब संचालन के लिए दो नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन एवं एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती होनी थी, लेकिन कोरोना के नए वैरिएंट के विदेशों में हलचल मचाने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रयोगशाला में दो दिसंबर को जांच शुरू कर दी गई। फिर सिर्फ एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, दो लैब टेक्नीशियन और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर के भरोसे ही लैब संचालित हो रही है। ऐसे में दिक्कत तब आएगी, जब एक नॉन मेडिकल साइंटिस्ट कहीं चला जाए। तब जांच के लिए कोई सैंपल लगाने वाला नहीं होगा। लिहाजा, लैब के नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लैब में रिक्त पदों को भरने की मांग की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने अब इसको लेकर तैयारी शुरु कर दी है। जिसके बाद जल्दी ही इन रिक्त पदों पर कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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