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Rampur News: वर्ष-2024 के प्रस्ताव में थी दरें, अब 2026 की बोर्ड बैठक में फिर रखने का इंतजार
Sun, 11 Oct 2026 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:05 AM IST
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रामपुर। शहर की सड़कों से लेकर प्रमुख चौराहों तक होर्डिंग-बैनर का जाल फैला है लेकिन नगर पालिका की व्यवस्था कागजों में उलझी हुई है। विज्ञापन शुल्क वसूलने के लिए न ठेके की व्यवस्था समय से हो सकी और न ही अवैध रूप से लगाए जा रहे होर्डिंग-बैनर पर कार्रवाई हुई। नतीजा यह है कि शौकत अली रोड, सिविल लाइंस, नैनीताल रोड और ज्वालानगर समेत कई इलाकों में जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगे हैं। सवाल यह है कि जब पालिका ने अनुमति नहीं दी तो ये होर्डिंग किसके इशारे पर लगाए गए और इनका शुल्क किसने वसूला।
नगर पालिका में बोर्ड बैठकों के दौरान योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर प्रस्ताव तो रखे जाते हैं, लेकिन उन पर अमल की रफ्तार बेहद धीमी है। होर्डिंग-बैनर का ठेका वर्ष 2022 में समाप्त हो गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में बोर्ड बैठक में विज्ञापन की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन इस पर भी अमल नहीं हो सका। करीब चार साल से ठेके और शुल्क वसूली की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। अब अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव को अक्तूबर में होने वाली बोर्ड बैठक में फिर से रखा जाएगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे बड़े होर्डिंग और यूनीपोल सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बने हुए हैं। तेज आंधी के दौरान कई बार बड़े होर्डिंग गिरने की कगार तक पहुंच गए। कई स्थानों पर पुराने होर्डिंग अब भी लगे हैं, जबकि उनके एंगल तक बाहर निकल आए हैं। ऐसे में इनके आसपास से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बावजूद पालिका की ओर से न तो नियमित निगरानी की गई और न ही नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई दी।
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नगर पालिका में बोर्ड बैठकों के दौरान योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर प्रस्ताव तो रखे जाते हैं, लेकिन उन पर अमल की रफ्तार बेहद धीमी है। होर्डिंग-बैनर का ठेका वर्ष 2022 में समाप्त हो गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में बोर्ड बैठक में विज्ञापन की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन इस पर भी अमल नहीं हो सका। करीब चार साल से ठेके और शुल्क वसूली की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। अब अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव को अक्तूबर में होने वाली बोर्ड बैठक में फिर से रखा जाएगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर लगे बड़े होर्डिंग और यूनीपोल सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बने हुए हैं। तेज आंधी के दौरान कई बार बड़े होर्डिंग गिरने की कगार तक पहुंच गए। कई स्थानों पर पुराने होर्डिंग अब भी लगे हैं, जबकि उनके एंगल तक बाहर निकल आए हैं। ऐसे में इनके आसपास से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बावजूद पालिका की ओर से न तो नियमित निगरानी की गई और न ही नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई दी।
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