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Rampur News: डेढ़ साल में 40 जिंदगियां निगल गया रफ्तार का कहर
Sat, 08 Nov 2025 02:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 08 Nov 2025 02:39 AM IST
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शाहबाद। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हो या फिर लापरवाही, हकीकत तो यह है कि शाहबाद की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। शाहबाद में रोजाना सडक हादसे हो रहे है। आलम यह है कि बीते डेढ़ साल में करीब 40 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि घायल होने वालों की संख्या इससे कई गुना अधिक है।
सड़क सुरक्षा माह में जागरूकता अभियान और पुलिस की सख्ती के बावजूद भी हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। औसतन हर रोज एक-दो सड़क हादसे होना अब आम बात बन गई है। इन हादसों में कुछ लोग तो वो है, जिनकी शादी होने वाली थी या शादी को केवल एक महीना ही हुआ था और गृहस्थी उजड़ गई। इनमें वो लोग भी शामिल है जो शादी की खुशियों में शामिल होने के लिए आए तो थे, लेकिन वापस जाते समय मौत की नींद सो गए। सड़कों पर तेज रफ्तार बाइक और कारें जान ले रही है। वहीं, तेज रफ्तार वाले वाहन चालक अपनी जान को भी जोखिम में डालकर चल रहे हैं। हालांकि पुलिस इस नवंबर महीने में यातायात माह में जागरूक अभियान चला रही है। लेकिन आंकड़ों को देखा जाए तो नियमों के अनदेखी और जागरूकता की कमी हादसों का कारण है।
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सड़क सुरक्षा माह में जागरूकता अभियान और पुलिस की सख्ती के बावजूद भी हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। औसतन हर रोज एक-दो सड़क हादसे होना अब आम बात बन गई है। इन हादसों में कुछ लोग तो वो है, जिनकी शादी होने वाली थी या शादी को केवल एक महीना ही हुआ था और गृहस्थी उजड़ गई। इनमें वो लोग भी शामिल है जो शादी की खुशियों में शामिल होने के लिए आए तो थे, लेकिन वापस जाते समय मौत की नींद सो गए। सड़कों पर तेज रफ्तार बाइक और कारें जान ले रही है। वहीं, तेज रफ्तार वाले वाहन चालक अपनी जान को भी जोखिम में डालकर चल रहे हैं। हालांकि पुलिस इस नवंबर महीने में यातायात माह में जागरूक अभियान चला रही है। लेकिन आंकड़ों को देखा जाए तो नियमों के अनदेखी और जागरूकता की कमी हादसों का कारण है।
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