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आखिरी दम तक शरीयत की हिफाजत करेंगे: उलमा
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:35 AM IST
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रामपुर में रविवार को किले में तीन तलाक के मुद्दे को लेकर आयोजित तहफ्फुज शरीयत कांफ्रेंस में तकरीर करते मौलवी रेहान खान।
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तीन तलाक और कॉमन सिविल कोड के मसले पर किला मैदान पर आयोजित तहफ्फुज शरीयत कांफ्रेंस में उलमा ने मरकजी हुकूमत को चेताया कि शरीयत में किसी तरह की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बल्कि हर मुसलमान आखिरी दम तक शरीयत की हिफाजत करेगा। चाहें इसके लिए कोई भी कुरबानी क्यों न देनी पड़े। उलमा बोले, हम किरायेदार नहीं, हिंदुस्तान हमारा है।
किला मैदान में रविवार को आयोजित तहफ्फुज शरीयत कांफ्रेंस में सुबह से लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। वक्त से पहले किला मैदान भीड़ से खचाखच भर गया था। कांफ्रेंस का आगाज कारी फरहत सुल्तान ने कुरान की तिलावत से किया। कारी यासीन और शायर अजहर इनायती ने नात पाक पेश की। मदरसा फुरकानिया के उस्ताद मौलाना अब्दुल वहाब खां ने अमन इंसानियत और इत्तेहाद मिल्लत के मौजू पर मकाला पेश किया।
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उन्होंने कहा कि हम अपनी आवाज हुकूमते हिंद तक पहुंचाना चाहते है कि मुसलमान शरीयत में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं कर सकते। शहर काजी- सैयद खुशनूद मियां ने कहा कि बादशाह और मालिक अल्लाह है। इसके मुकाबले में कोई कुछ नहीं। हम हिंदुस्तान में किरायेदार नहीं, बल्कि हमारा यहां हक है। कोई भी ताकत हमें मुल्क से नहीं निकाल सकती। मौलाना कारी अख्तर अली ने कहा कि हम अपने मजहब पर चलने के लिए आजाद हैं।
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मौलाना मोहम्मद नासिर खां ने तीन तलाक और कामन सिविल कोड के मसले पर सरकार को ललकारा। मौलाना अंसार अहमद कासमी ने कहा कि मुल्क में दूसरे मजहब वालों के साथ हमें हमारा हक दिया जाए। आस्ताना आलिया जमालिया के सज्जादानशीन फहरत अहमद खां जमाली ने मुसलमानों से मुत्तहिद होने की अपील की। मौलाना रियाज अहमद अरशद, मौलाना असलम जावेद कासमी ने कहा मुसलमान आखिरी दम तक शरीयत की हिफाजत करेंगे। इसके लिए कोई भी कुरबानी क्यों न देनी पड़े। आखिर में शहर इमाम मुफ्ती महबूब साहब ने दुआ कराई।