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परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षक निभाएं सक्रिय भूमिका

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 12:00 AM IST
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teachers play vital role
रामपुर। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पढ़े रामपुर बढ़े रामपुर और केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति एवं जनपद में टीबी रोग पर प्रभावी रोकथाम एवं उपचार की दिशा में चलाए जा रहे कार्यक्रम के बारे में विस्तारपूर्वक समीक्षा की।
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रामपुर रजा लाइब्रेरी के रंग महल में जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अत्यन्त महत्वूपर्ण 48 योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में प्रगति की विस्तारपूर्वक प्रस्तुतीकरण किया, जिस पर राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के नामाकंन की स्थिति में अधिक सुधार लाने के लिए अध्यापकों को और अधिक सक्रियता के साथ अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी को निर्देशित किया। साथ ही आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण अभियान को साकार रूप प्रदान करने के लिए अधिक सक्रियता के साथ कार्य करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार को निर्देशित किया। पढ़े रामपुर बढ़े रामपुर के अन्तर्गत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। साथ ही टीबी रोगियों को उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण किट प्रदान की। कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 तक देश से टीबी को मिटाने का संकल्प लिया गया है, जिसे साकार रूप देने के लिए अधिकारियों के साथ-साथ आमजन एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनपद में टीबी रोगियों को गोद लेने वाले पांच लोगों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की देखभाल में कोई कमी न आए, इसके लिए गम्भीर रहें तथा प्रत्येक अधिकारी कम से कम एक टीबी रोगी की देखभाल का भी जिम्मा लें। इससे समाज को एक नई दिशा मिलेगी तथा टीबी उन्मूलन को और अधिक गति मिल सकेगी। राज्यपाल ने शिशु सदन पहुंचकर बच्चों के बीच समय बिताया तथा उनसे बातचीत की। उन्होंने शिशु सदन की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा बच्चों से प्रार्थना सुनी एवं उन्हें पढ़ाए जाने वाले विभिन्न विषयों के बारे में जाना। तत्पश्चात्, बच्चों को फल एवं सुपोषण किट प्रदान करते हुए बच्चों की देखभाल करने वाले स्टाफ को निर्देशित किया कि वे बच्चों को नियमित रूप से सूखे मेवे एवं फल आहार के रूप में दें, ताकि उनका पोषण स्तर बेहतर बना रहे।
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