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स्वार विधानसभा उप चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज
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रामपुर। चुनाव आयोग की ओर से बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ ही यूपी में खाली पड़ी सीटों पर उप चुनाव के संकेत में स्वार में राजनीतिक सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। स्वार विधानसभा की सीट दिसंबर 2019 से खाली चल रही है। आयोग के संकेत के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कोरोना काल के चलते इस बार मतदान केंद्रों से लेकर मतदेय स्थल तक में इजाफा हो सकता है।
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश में रिक्त चल रही विधानसभा की सीटों पर उप चुनाव के संकेत दिए हैं। रामपुर की बात की जाए तो 2017 के चुनाव में स्वार टांडा विधानसभा सीट से सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां निर्वाचित हुए थे। उन्होंने चार बार से विधायक रहे नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को हराया था। चुनाव के नामांकन के वक्त से ही अब्दुल्ला की उम्र को लेकर विवाद था। हालांकि नामांकन के वक्त इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने के वजह से उन्होंने चुनाव लड़ा था। बाद में नवेद मियां ने इस मुद्दे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर दी थी। नवेद मियां का आरोप था कि चुनाव के लिए नामांकन करते वक्त अब्दुल्ला निर्धारित आयु सीमा की शर्त को पूरा नहीं करते थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को अब्दुल्ला के निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इसे आधार मानते हुए विधानसभा सचिवालय से इस सीट को 16 दिसंबर 2019 से रिक्त घोषित कर दिया गया था। नियम तो यह है कि विधानसभा की सीट खाली होने के छह माह के अंदर दोबारा चुनाव करा लिए जाएं, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ऐसा नहीं हो सका था। अब चुनाव आयोग ने यूपी में विधानसभा की खाली सीटों पर बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ मतदान कराने के संकेत दिए हैं। इससे भी यहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उप चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कुछ लोगों ने स्वार-टांडा का दौरा भी करना शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों ने भी अपने कार्यकर्ताओं को उप चुनाव के लिए तैयार रहने का फरमान जारी कर दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी उप चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह का कहना है कि हमारी तरफ से तैयारियां पूरी हैं। चुनाव आयोग से जैसा भी निर्देश मिलेगा, उस पर अमल किया जाएगा।
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चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश में रिक्त चल रही विधानसभा की सीटों पर उप चुनाव के संकेत दिए हैं। रामपुर की बात की जाए तो 2017 के चुनाव में स्वार टांडा विधानसभा सीट से सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां निर्वाचित हुए थे। उन्होंने चार बार से विधायक रहे नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को हराया था। चुनाव के नामांकन के वक्त से ही अब्दुल्ला की उम्र को लेकर विवाद था। हालांकि नामांकन के वक्त इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने के वजह से उन्होंने चुनाव लड़ा था। बाद में नवेद मियां ने इस मुद्दे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर दी थी। नवेद मियां का आरोप था कि चुनाव के लिए नामांकन करते वक्त अब्दुल्ला निर्धारित आयु सीमा की शर्त को पूरा नहीं करते थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को अब्दुल्ला के निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इसे आधार मानते हुए विधानसभा सचिवालय से इस सीट को 16 दिसंबर 2019 से रिक्त घोषित कर दिया गया था। नियम तो यह है कि विधानसभा की सीट खाली होने के छह माह के अंदर दोबारा चुनाव करा लिए जाएं, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ऐसा नहीं हो सका था। अब चुनाव आयोग ने यूपी में विधानसभा की खाली सीटों पर बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ मतदान कराने के संकेत दिए हैं। इससे भी यहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उप चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कुछ लोगों ने स्वार-टांडा का दौरा भी करना शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों ने भी अपने कार्यकर्ताओं को उप चुनाव के लिए तैयार रहने का फरमान जारी कर दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी उप चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह का कहना है कि हमारी तरफ से तैयारियां पूरी हैं। चुनाव आयोग से जैसा भी निर्देश मिलेगा, उस पर अमल किया जाएगा।
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