रामपुर: गोष्ठी के दौरान एसपी का विवादित बयान, बोले- ऐसी शिकायत लेकर आने वाले मां-बाप को जेल भेजना चाहिए
एसपी ने कहा कि धर्म के ठेकेदार बच्चों के हाथों में कलम देने का भी जरिया तैयार करें। अधिक बच्चे करके क्या फायदा अगर उन्हें सही परवरिश न दे सकें और वो पंक्चर जोड़ें। नहीं तो वो कट्टा और चाकू लेकर घूमते हैं और मेरा काम बढ़ जाता है।
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रामपुर रिजर्व पुलिस लाइन में मंगलवार को एसपी ने विभिन्न समाज के लोगों के साथ संगोष्ठी की। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मां-बाप को अपने बच्चों की देखभाल सही रखनी चाहिए, जिससे किसी लड़की के किसी गैर समुदाय या अन्य युवक के साथ चले जाने की शिकायत न हो।
उन्होंने कहा कि मैं चाहूंगा कि ऐसी शिकायत लेकर आने वाले मां-बाप, जो अपने ही बच्चों की सही देखभाल न कर पाएं, उनको जेल भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चे भी सीमित होने चाहिए, जिससे उन्हें अच्छी परवरिश दे सकें। उन्होंने कहा कि धर्म के ठेकेदार बच्चों के हाथों में कलम देने का भी जरिया तैयार करें। अधिक बच्चे करके क्या फायदा अगर उन्हें सही परवरिश न दे सकें और वो पंक्चर जोड़ें। नहीं तो वो कट्टा और चाकू लेकर घूमते हैं और मेरा काम बढ़ जाता है।
मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में जनपद में विभिन्न वर्गों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, ग्राम प्रधानों, धर्म गुरुओं, पार्षदों, बुद्धिजीवियों और स्वयंसेवी संगठनों के व्यक्तियों के अलावा पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के साथ एक सद्भावना संगोष्ठी का आयोजन किया गया था।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि जनता और पुलिस का सीधा संवाद होना चाहिए। हमारा काम जनता की सेवा करना और उनकी समस्या का समाधान करना है। किसी तरह की शिकायत लेकर पुलिस के पास आने वालों की थाना स्तर पर ही मदद की जाएगी। उनकी शिकायतों का थाना स्तर पर ही निवारण किया जाएगा।
एसपी ने कहा कि सड़कों पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को भी हिदायत है कि वे बिना वजह जनता को परेशान न करें। यदि किसी की शिकायत मिलेगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मी अपने से उम्र में बड़े लोगों से सम्मान से बात करें और लोगों से भी अपील है कि वे अपने से बड़े पुलिसकर्मियों से सम्मान से बात करें।
हालांकि बाद में एसपी के पीआरओ ने बताया कि बच्चों की संख्या और मां-बाप को लेकर कही गई बात पर एसपी का कहना था कि उनके भाव समझे जाएं, उनके भाव गलत नहीं थे वो बस समझाने की कोशिश कर रहे थे।