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ईओ नौकरी छोड़ें या काम करें
अमर उजाला ब्यूरो/ मिलक रामपुर
Updated Fri, 04 Nov 2016 12:40 AM IST
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मिलक में पालिका बोर्ड की बैठक में मौजूद पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार।
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पालिका के बोर्ड की बैठक में पालिकाध्यक्ष और ईओ आमने-सामने आ गए। जमकर हंगामा हुआ और आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। हंगामे के दौरान बोर्ड के निशाने पर रहे ईओ से पालिकाध्यक्ष ने ईओ से दो टूक कहा कि वे या तो काम करें या नौकरी छोड़ दें। बैठक में आयव्यय का ब्योरा रखा गया और निर्माण कार्यों को मंजूरी भी दी गई।
नगर पालिका सभागार में गुरुवार को पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें सबसे पहले कई महीने से लंबित आय-व्यय के व्यौरे को पारित करने को रखा गया। जिस पर बोर्ड के सदस्यों और पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार ने ईओ मुकेश कुमार शर्मा पर सबालों की झड़ी लगा दी। सदस्यों का कहना है कि पहले निर्माण कार्यों को पास किए जाएं। तब आय-व्यय का प्रस्ताव पास कराएं। निर्माण कार्यों के टेंडर न होने पर पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार और ईओ में जमकर झड़प हो गई और दोनों में आस्तीन चढ़ गई। पालिकाध्यक्ष का कहना था कि निर्माण कार्यों के टेंडरों पर हस्ताक्षर नहीं हुए। तब वह सदस्यों के साथ धरने पर बैठ जाएंगी और राज्यपाल से मिलकर ईओ को हटवाएंगी। उनका कहना
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था कि ईओ को काम करना होगा। हुकम चलाने से काम नहीं चलेगा। उनका कहना था कि दो साल ईओ ने रुलाया। तब हमने हंसकर काट लिए लेकिन हमने दो माह कुछ किया तब उनको लंबे समय तक रोना पड़ेगा।
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बोर्ड ने 27 लाख के कूड़ेदान, फागिंग तथा दीपावली पर प्रकाश व्यवस्था न होने का मुद्दा गूंजा।पालिकाध्यक्ष और ईओ में आरोप-प्रत्यारोप लगे। बोर्ड के निशाने पर ईओ रहे। जिसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। घूसखोरी का आरोप लगाकर कुछ सदस्यों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि 17 सौ का माल 17 हजार का खरीदा गया है। हंगामे के बीच करीब पांच करोड के निर्माण कार्यों के टेंडर निकालने पर हस्ताक्षर हुए। तब हंगामा शांत होने पर प्रस्ताव पारित हो गए। बैठक में गौरव बाबू, विजय गंगवार, गोपेश्वर गंगवार, अनिल गुप्ता, अनीता देवी, रेशमा देवी, राजेंद्र रुहेला, चिंतामणि बहुगुणा, बाजिद खां, संजीव कुमार, रामपाल पटेल,संगीता शुक्ला आदि थीं।